रायपुर–डोंगरगढ़ लोकल में किलाबंदी चेकिंग के दौरान खुलासा, एक आरोपी फरार
रायपुर | 28 अप्रैल 2026
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्क्वाड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डुप्लीकेट एमएसटी (मंथली सीजन टिकट) बनाकर यात्रा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ट्रेन नंबर 68705 (रायपुर–डोंगरगढ़ लोकल) में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान यह मामला सामने आया।
दुर्ग स्टेशन पर किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान वरिष्ठ टिकट एग्जामिनर प्रिया ने एक यात्री के पास संदिग्ध एमएसटी टिकट पाया। जांच में टिकट डुप्लीकेट निकला, जिसके बाद गहन पूछताछ में पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के एमएसटी टिकट की इमेज का दुरुपयोग कर फर्जी टिकट तैयार किए जा रहे थे। इस मामले में शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र शामिल पाए गए। मुख्य आरोपी कुलदीप बिश्नोई ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी टिकट बनाकर अपने साथियों को दिया, जिन्होंने इसे आगे अन्य लोगों तक पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक हर्ष नाम का एक छात्र इन फर्जी टिकटों को बेचने में शामिल है, जो फिलहाल फरार है।

पकड़े गए आरोपी:
कुलदीप बिश्नोई (20 वर्ष)
ओंकार (20 वर्ष)
अखिलेश साहू (19 वर्ष)
राहुल साहू (20 वर्ष)
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने टिकट चेकिंग स्टाफ को सख्त निर्देश दिए हैं कि टिकटों की गहन जांच की जाए और ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यम—टिकट काउंटर, यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप या ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से ही टिकट खरीदें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से टिकट लेने से बचें।
कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को आगे की जांच के लिए आरपीएफ दुर्ग के सुपुर्द कर दिया गया है।
