00 इससे पहले भी कई जच्चा बच्चा की हो चुकी है मौत छ माह पूर्व से खत्म हो चुकी है वैधता. मामले को बढ़ता देख भाग गया कंपाउंडर
00 निजी हॉस्पिटल का लगभग छ माह पूर्व से खत्म हो चूका है पंजीयन उसके बाद भी शहर में है संचालित कर प्रसव का खेल
00 एसईसीएल हॉस्पिटल के कंपाउंडर द्वारा चोरी छुपे आकर प्रसव कराने का आरोप
जानकारी के अनुसार शहर के हृदय स्थल हल्दीबाड़ी के भैसा दफाई एवं मुख्य मार्ग पर कई वर्षो से संचालित निजी हॉस्पिटल तुलसी अमृत में शहर के हल्दीबाड़ी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 12 सड़क दफाई के निवासी हैदर अली जिनकी पुत्री रशमी बेगम जिसका विवाह छ वर्ष पहले बिलासपुर शहर के निवासी मोहमद अमिन से हुआ था जो वर्तमान में बिलासपुर जोन के भुनगा रेलवे स्टेशन में स्टेशन मास्टर के पद पर पदस्थ है । महिला को विवाह के छ साल बाद पहले पुत्र की प्राप्ति को लेकर उसका परिवार बेहद खुश था महिला के पहले पुत्र की ख़ुशी और उसकी पत्नी की इस अवस्था में अच्छी देख भाल के लिए उसके पति अमिन द्वारा लगभग एक माह पूर्व अपनी पत्नी को अपने ग्रह निवास बिलासपुर से वापस उसके माता पिता के यहां लाया गया था जिस पर सोमवार की मध्य रात्रि महिला को अचानक प्रसव की पीड़ा होने पर उसके परिजनों द्वारा आनन – फानन में रात्रि लगभग 04 बजे अपने निजी वाहन से शहर के और अपने नजदीकी तुलसी अमृत हॉस्पिटल लाया गया था जहां पर उपस्थित चिकित्सक व् हॉस्पिटल की मालिक एफ एम लकड़ा ने प्रसव में अभी समय है कह कर महिला को अपने हास्पिटल में भर्ती कर लिया गया. महिला को पुनः मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे प्रसव की पीढ़ा होने पर संबंधित चिकित्सक द्वारा उसके परिजनों को यह जानकारी दी की बिना ऑपरेशन के प्रसव संभव नहीं है इसके की लगभग 30 से 40 हजार रूपए का खर्च लगेगा। जिस पर महिला के परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लगभग 18 हजार रूपए सम्बंधित हॉस्पिटल में जमा करा दिया गया वही संबंधित चिकित्सक द्वारा लगभग 3:30 बजे महिला का ऑपरेशन कर उसके परिजनों को पुत्र प्राप्ति की जानकारी दी और उनकी बेटी भी ठीक है की जानकारी दी जिसपर महिला का पूरा परिवार काफी खुश था तभी अचानक संबंधित चिकित्सक द्वारा उसके पति को बुला कर यह जानकारी दी की महिला को अचानक हाटाटेक् आया है जिससे उसकी मौत हो गई महिला के मौत की खबर सुनते ही पूरी ख़ुशी मातम में तब्दील हो गई मामले की जानकारी होने पर परिजनों सहित भारी संख्या में स्थानीय निवासी हॉस्पिटल में पहोच कर संबंधित निजी हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विवाद किया गया और थाना चिरमिरी में जाकर उसके परिजनों व् पति द्वारा मामले की जानकारी दी और एफआईआर दर्ज कराते हुए संबंधित महिला चिकित्सक की गिरफ़्तारी की मांग की और काफी रात तक थाने में डटे रहे वही थाना प्रभारी ने अपराध दर्ज करते हुए निस्पक्ष जांच की बात कही है।बहरहाल शहर में संचालित निजी तुलसी अमृत हॉस्पिटल शहर में लगभग कई वर्ष से संचालित हो रहा है और ऐसे कई मामले संबंधित हॉस्पिटल में हो चुके है जबकि इन मामलो में हमेशा ही पैसो का बंदरबाट कर पीड़ित परिवार का मुंह बंद कर दिया जाता है जिस कारण आज भी संबंधित हॉस्पिटल को मालिक के हौसले बुलंद है वही किसी भी मामले में जानकारी ले पर हॉस्पिटल के मालिक द्वारा उसकी पहोच ऊपर तक है उसका कोई कुछ नहीं कर सकता की धमकी देकर भगा देने वाली घटना आम बात है वही जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये और कार्यवाई की उपेक्षा से निजी हॉस्पिटल मालिक द्वारा एक प्रसव कराने में 40 से 50 हजार रुपए का खले खेला जा रहा है।
ऐसी खबर – सूत्रो से मिली जानकारी अनुसार शहर में संचालित इस निजी तुलसी अमृत हॉस्पिटल में कई बार ऐसी घटना कई बार हो चुकी है वही संबंधित हॉस्पिटल के मालिक द्वारा नार्मल प्रसव को भी ऑपरेशन का रूप देकर हजारो रूपए पीडितो से लिया जाता है जबकि इन प्रसव में महिला चिकित्सक के विपरीत शहर के लगभग 50 किलो मीटर की दुरी पर स्थित एसईसीएल की हॉस्पिटल के एक कंपाउंडर द्वारा महिलाओं का प्रसव कराया जाता है और मामला खराब हो जाने पर पूरा आरोप संबंधित पीड़ित परिवार पर लगा दिया जाता है वर्तमान में हुई घटना में महिला की मौत होने की पुस्टि होने पर सम्बंधित कंपाउंडर पीछे के दरवाजे से भाग गया जबकि उपस्थित महिला चिकित्सक व् मालकिन में महिला के मौत का कारण हाट।टेक् की बात कह कर मामले से पल्ला झाड़ लिया गया ।
सुनील सिंह थाना प्रभारी चिरमिरी – परिजनों की शिकायत पर मामले में प्रथम दृस्टि मर्ग कायम करते हुए शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया है जहां पीड़ित परिवार की उपस्थिति सहित पुलिस प्रशासन एवं महिला चिकित्सकों की टीम के द्वारा शव का पीएम किया जा रहा है पीएम रिपोर्ट के बाद ही महिला की मौत का सही कारण पता चलेगा ।।
एस कुजूर बीएमओ चिरमिरी – खड़गवां – मुझे मामले की जानकारी नहीं है अगर ऐसा हुआ तो मामले को अपने उच्च अधिकारियों की जानकारी में देकर मामले की निस्पक्ष जांच कराई जाएगी । वर्तमान में उक्त हॉस्पिटल का पंजीयन है या नहीं इसकी जानकारी जिला अधिकारी ही बता सकते है वर्तमान समय में माननीय न्यायालय के आदेश अनुसार सभी अवैध निजी पैथोलेब,नर्सिंग होम,हॉस्पिटलों को जांच की जा रही है अगर बिना पंजीयन के संचालित हो रहा है जो ये जांच का विषय है ।
एफ एन लकड़ा महिला चिकित्सक एवं निजी हॉस्पिटल की मालिक – पीड़ित महिला को पहले से हाड की शिकायत थी उसके परिजनों ने जानकारी दी थी प्रसव के उपरांत उपस्थित चिकित्सक को मेरे द्वारा कुछ और समय देने की बात कही गई थी लेकिन वह किसी कारण वश चले गए और महिला का अचानक बीपी बढ़ने से हाटाटेक् आने के कारण मौत हो गई हमारे द्वारा किसी प्रकार की कोई लापरवाई नहीं कीगई है उसकी मौत का कारण हाटाटेक् है
