कोरिया / छत्तीसगढ़ सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में राम नवमीं के अवसर पर एक अनोखी परम्परा को फिर दोहराया गया, नौ रात्री के अंतिम दिन देवी मां को खुश करने के लिए गाल और होठ में सरिया चुभाया गया जिसमे महिलाओ ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। ऐसा भारत वर्ष में सिर्फ छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग में होता है।
नौ रात्री के अंतिम दिन दिन भर शहर माता की भक्ति से ओतप्रोत दिखा। शहर के रमदहा धाम में महिलाएं एवं बच्चियां अपने सिर पर जबारे रखे टोलियों में जबारे विसर्जन के लिए निकली। नौ दिनों तक भक्ति से ओतप्रोत रहने तथा अपनी मानता के अनुसार जवारे बोए। नौ दिन तक मां की आराधना में लीन भक्तों ने मां का पूजन अर्चन कर आर्षीवाद लेकर व्रत का समापन किया। सभी देवी मंदिरों सहित घरों में कन्या भोज का आयोजन किया गया। शहर के दिवालों से धूमधाम से जवारे विसर्जन के लिए शोभायात्रा के रूप में निकले। जवारे शोभा यात्रा के आगे माता के भक्त मुंह में बाना छिदवाकर आगे आगे चल रहे थे। साथ में सिर पर जवारे रखे महिलाएं माता की भक्तें गाती हुई चल रही थीं। श्रृद्धालु दण्ड भरते हुए मां के दरबार में पहंचे। जवारे शोभायात्रा के आगे माता के भक्त मुंह में बाना छिदवाकर आगे आगे चल रहे थे साथ में सिर पर जवारे रखे महिलाएं व युवतियां माता की भक्तें गातें हुईं चल रहीं थीं। श्रद्धालु दंड भरते हुए मां के दरबार में पहुंचे।
