कोरिया / कोल इंडिया में सोमवार से प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल तीन माह के लिए टल गई है। रविवार को कोलकाता में डिप्टी लेबर कमिश्नर की उपस्थिति में सेटलमेंट पेपर तैयार होने के बाद कोल इंडिया की पांच प्रमुख ट्रेड यूनियन ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। कोल इंडिया में हड़ताल टालने रविवार को कोलकता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें कोल मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी महेन्द्र प्रताप, पांच प्रमख ट्रेड यूनियन और कोलकता के डिप्टी लेबर कमिश्नर एस चटर्जी भी शामिल हुए।
गौरतलब हो की बैठक के बाद कोल इंडिया ने सीएमपीएफ का ईपीएफओ में विलय रोकने, पेंशन फंड में बराबर का सहयोग देने और दो माह में नया वेतन समझौता पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया है। दोनों पक्षों के बीच लेबर डिप्टी लेबर कमिश्नर कार्यालय में सेटलमेंट पेपर तैयार किए गए। इसके बाद श्रमिक नेताओं ने कोयला उद्योग में तीन माह के लिए हड़ताल टालने की घोषणा भी कर दी है।
बताया जा रहा है की बैठक में कोल मंत्रालय की ओर से चीफ मैनेजर आईआर एके सक्सेना, जीएम तृप्ति पराग, सलाहकार भगवान पांडे, चीफ मैनेजर मनोज कुमार, यूनियन की ओर से एचएमएस नेता नाथूलाल पांडे, राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा, बीएमएस नेता बीके राय, पीके दत्ता, इंटक नेता राजेन्द्र प्रताप सिंह, एसक्यू जामा, सीटू नेता डीडी रामानंदन और एटक नेता रमेन्द्र कुमार उपस्थित थे।
सेटलमेंट पेपर में लिखे गए मुख्य बिंदु ——–
01.सीएमपीएफ के विलय पर रोक –
बैठक में कोल मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि ईएमपीएफ का ईपीएफओ में विलय की कोई योजना नहीं है। न ही ऐसा कोई प्रस्ताव मंत्रालय में लंबित है।
02. पेंशन फंड में बराबरा हिस्सेदारी –
पेंशन फंड में राशि की कमी को पूरा करने के लिए बराबर सहयोग करने पर कोल इंडिया सहमत हुआ। यानी जितनी राशि श्रमिक देंगे, उतनी राशि कंपनी देेगी। इसपर जेबीसीसीआई की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
03. जेबीसीसीआई- नौ को लागू करने –
प्रबंधन ने जेबीसीसीआई-09 की बैठक में लिए गए फैसले को लागू करने का वादा किया। 10वां वेतन समझौता दो माह में पूरा करने का आश्वासन दिया।
04.खदान बंद पहले चर्चा –
कोयला खदानों को बंद करने से पहले कोल इंडिया श्रमिक संगठन या जेबीसीसीआई के सदस्यों से चर्चा करेगी। कोई एक तरफा निर्णय नहीं लेगी।


