Advertisement Carousel

नाबालिक परोस रहे शराब और कूड़े में तलाश रहे भविष्य, आखिर कहाँ है इनके पढ़ाई का अधिकार ?

00 पढ़ने व खेलने की उम्र में शराब परोस रहे कोरिया में बच्चे

00 सरकार के दावों की पोल – खोल खबर

कोरिया / प्रदेश में नए शिक्षा सत्र को प्रारम्भ हुए एक माह पुरे हो गए है और प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव भी धूम धाम से मानते हुए बच्चों का स्कुलो में स्वागत किया गया पर इन सब बातों के विपरीत बदहाली और गरीबी के कारण मजदुर वर्ग के बच्चो को शिक्षा आज भी नहीं मिल पा रही है और वे तालीम को तरस रहे है पेसो के अभाव में मासूमो का बचपन कूड़े करकट के ढेर में या किसी होटल में बर्तन साफ़ व शराब की बोतल परोसते हुएे बित रहा है।

ताजा मामला कोरिया जिला मुख्यालय का है जहाँ कईयो बच्चो को कूड़े करकट के ढेर में अपना भविष्य तलाशते आसानी से देखा जा सकता है और यही नही कलेक्ट्रेड कार्यालय के बिलकुल सामने ठाबों में शराब परोसते देखे जा रहे है………… देश के भविष्य ।

राज्य सरकार एक ओर तो बड़े ही धूमधाम से करोडो रूपये खर्च कर शाला प्रवेश उत्सव मना रही है तो दूसरे ओर इन बच्चो को तस्वीरों में देखिये ये इनके लिए कुछ नया नहीं है ये बच्चे आज भी कूड़े करकट के ढेर में अपना भविष्य तलाश रहे है और ठाबों में शराब परोस रहे है। इनका दोष गरीबी या जिला प्रशासन की अनदेखी या और कुछ कह लीजिए इनके परिजनों के पास इतने पैसे नहीं है की वह इन्हें स्कुल भेज सक, जबकि बच्चे तो स्कुल जाना भी चाहते है लेकिन जाये तो कैसे जाये…..

पैसे के अभाव के कारण परिजन बच्चो को बेहतर शिक्षा दिला पाने में असमर्थ होते है जिनके चलते पहले तो परिजन और फिर बाद में खुद बच्चे परिजन के साथ हो कर कंधे से कंधा मिला एक ही काम करते है।

जिले में ऐसे सैकडो गरीब बच्चे है जो शिक्षा से वंचित रहकर अपना भविष्य अंधकारमय कर रहे है, निशुल्क शिक्षा – सर्व शिक्षा अभियान – शिक्षा का अधिकार जैसे तमाम महत्वपूर्ण योजनाये ऐसे में ढकोसला साबित होते नजर आते है जब आप ऐसे बच्चो को अपने शहर अपने गावं अपने नजर के सामने देखते है तो ……..क्या आपका मन पसिचता नही है ?

IMG-20170802-WA0011आपको बता दे की यह तस्वीर जरूर कोरिया जिले की है पर हालात पुरे प्रदेश में एक जैसे ही है।

बहरहाल अब देखना यह है की इन कूड़े करकट के ढेर में अपना भविष्य तलाश रहे बच्चो और ठाबों में शराब परोस रहे बच्चों का बेहतर तालीम का सपना पूरा हो पायेगा या की नहीं ?

error: Content is protected !!