कोरीया / जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से लगभग 160 किलोमीटर दूर कोटाडोल थाना क्षेत्र के ग्राम नेरूवा में रहने वाले ग्रामीण ने कोटाडोल पुलिस पर घर में घुसकर 1.50 लाख रूपए लूटने का आरोप लगाया है। मामला उजागर होने के बाद एसडीओपी मनेन्द्रगढ़ अनुज गुप्ता द्वारा मामले की जॉच पड़ताल की जा रही है।
भगवानपुर-जनकपुर ब्लाक अंतर्गत तीस किलोमीटर दूर ग्राम नेरूआ निवासी तिजिया बाई पति चंद्रप्रताप ने कोटाडोल पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया है कि उसके पति के घर में न रहने पर रात्रि 10 बजे तलाशी करने के नाम पर घर में घुसकर संदूक का ताला तोड़कर डेढ़ लाख रूपये ले गए। इस घटना की खबर उच्च अधिकारियों तक पहुँचने पर अब एसडीओपी द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नेरूआ तहसील भरतपुर जिला कोरिया निवासी तिजिया बाई ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीती रात वह घर में अकेली थी। इस दौरान उसके दो बच्चे अनीषा 14 वर्ष, सुभाष 10 वर्ष भी उसके साथ में थे। पति ऑटो रिक्सा बनवाने के लिए बाहर गये हुए थे। उसी रात कोटाडोल थाने में पदस्थ आठ पुलिस कर्मी उसके घर आए जो सभी सादी वर्दी में थे। इस दौरान सभी पुलिसकर्मी शराब के नशे में तलाशी के नाम पर उसके घर में जबरदस्ती घुस गये तथा दुकान में रखी संदूक को तोड़कर उसमें रखे डेढ़ लाख रुपये ले गए। इस दौरान शोर सुनाई पड़ने पर ग्राम खोहरा निवासी लालसाय बालंद जो अपने ससुराल आया था, उसने पुलिस वालों को पहचान कर उनका विरोध किया। लेकिन उसे भी डराकर कोई भी केस बनाकर अंदर करने की बात कहकर वहाँ से भगा दिया गया। घर में भी ये बात किसी से न बताने को कहकर पुलिसकर्मी रूपये ले कर चले गए।
मौके पर मौजूद लालसाय ने बताया कि संदूक का ताला तोड़कर रूपये ले जाने वाले दो पुलिस कर्मियों को पहचान गया है जिनमें एक का नाम अशोक राजपूत तथा दूसरे का नाम बिष्णू यादव है बाकी छः को नहीं पहचानता।
यह बात जब एसडीओपी तक पहुंची तो वे जानकारी के लिए उनके यहाँ पहुँचे, लेकिन ग्रामीण जवाब देने से बचते रहे। खैर sdop स्वयं जांच में लगे है तो जरूर ही उम्मीद जताई जा सकती है कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी जल्द ही हो जाएगा।
