नई दिल्ली / उच्चतम न्यायालय ने जजों के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मामले की जांच एसआईटी से कराने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
उच्चतम न्यायालय ने यह साफ किया कि सीबीआई की एफआईआर किसी न्यायाधीश के खिलाफ नहीं है और न ही उसके लिए एक न्यायाधीश के खिलाफ ऐसा करना संभव है। अदालत ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं दायर कर संस्थान को नुकसान पहुंचाया गया और उसकी निष्ठा पर अनावश्यक शक जाहिर किया गया।
एक गैरसरकारी संगठन ने उड़ीसा के रिटायर्ड हाईकोर्ट जज आईएम कुद्दुसी और अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर को आधार बनाते हुए यह याचिका दायर की थी। कुद्दुसी पर आरोप है कि अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्होंने मेडिकल कालेजों को सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत ली थी। याचिकाकर्ता की मांग थी कि इस मामले की रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में एसआईटी से जांच कराई जाए।
