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बिना पर्यावरणीय अनुमति के जिले में चल रहे क्रेशर, मानकों को नजरअंदाज कर रहे क्रेशर संचालक

कोरिया / जिले में लंबे समय से बिना पर्यावरणीय अनुमति के क्रेशर का संचालन हो रहे है। अब इस बात पर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है कि इन क्रेशर पर विभाग इतना क्यों मेहरबान है, की इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने से कतरा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कोरिया जिले में अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रेशर की संख्या दो दर्जन से ज्यादा है और दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। विभाग के पास ऐसे क्रेशर की सूची उपलब्ध है जो बिना पर्यावरणीय अनुमति के अवैध रूप से क्रेशर संचालित कर रहे है। वावजुद इसके कार्यवाही नही होना विभागीय सेटिंग दर्शाता है।

सूत्रों ने बताया है कि जिले में बड़ी संख्या में अवैध रूप से स्टोन क्रेशर चलाए जा रहे हैं। अवैध उत्खनन भी किया जा रहा है। पहाड़ों से प्रतिदिन हजारों टन गिट्टी अवैध तरीके से निकाली जा रही है। कई खदानों की लीज की समयावधि खत्म हो चुकी है। इतना ही नहीं इनके पास पर्यावरण संबंधी अनापत्ति भी नहीं है। नियमानुसार कोई भी खदान या क्रेशर बगैर पर्यावरण विभाग की अनापत्ति के नहीं चलाया जा सकता है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी बगैर पर्यावरण अनापत्ति के चलाए जा रहे क्रेशर खदानों के संचालन पर पूर्व में ही आपत्ति जताई है।

सुत्र बताते है कि कोरिया खनिज विभाग ने जिले के ऐसे क्रेशर संचालकों को जिन्होंने अभी तक पर्यावरण क्लियरेंस सर्टिफिकेट कार्यालय में जमा नही कराया है उन्हें एक पत्र जारी कर पर्यावरणीय स्वीकृति शर्तो के अनुसार छत्तीसगढ़ पर्यावरण मण्डल से जल प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1974 एवं वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1981 के प्रावधानों के तहत अनुमति कार्यालय में जमा करने नोटिस भेजा है। पर्यावरण क्लियरेंस सर्टिफिकेट के बिना क्रेशर संचालकों के ऊपर कभी भी प्रशासनिक गाज गिर सकती है हालांकि इसकी उम्मीद कम है चूँकि अभी तक विभागीय मौन स्वीकृति ही वो बड़ी वजह है जो ऐसे क्रेशर संचालक जिले में संचालित है।

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सूत्र बताते है कि जिले में क्रेसर संचालक ………….

** श्रीमती बीना सिंह /गोपाल सिंह ग्राम लाई एवं मुक्तियारपारा
** दीपक कुमार पटेल मझौली
** श्रीमती ममता चौबे ग्राम सलका
** संतोश कुमार राजवाड़े ग्राम परचा
** रवि कुमार गुप्ता ग्राम कोट
** जय माॅ शारदा स्टोन (लखनलाल श्रीवास्तव) ग्राम डोमनापारा
** हरकेश तिवारी ग्राम डोमनापारा
** जय अम्बे स्टोन (कृश्ण मुरारी तिवारी) ग्राम हस्तिनापुर
** राजेश कुमार मिश्रा ग्राम खमरौंध
** श्रीमती राधिका तिवारी/ कृष्ण मुरारी तिवारी ग्राम हस्तिनापुर
** दुर्गाशकर मिश्र ग्राम मरखोही
** श्रीमती चन्द्रकांता मिश्रा/ राजेश मिश्रा ग्राम सिरखोला
** श्रीमती रश्मी खन्ना/रिकेश खन्ना ग्राम बेलबहरा
** प्रदीप कुमार वर्मा ग्राम सेंधा
** भरत कुमार सिंह ग्राम कटगोड़ी
** सुन्दर लाल ग्राम मोरगा
** कोरिया स्टोन क्रेसर (श्रीमती शोभा चैदहा) ग्राम डोभापानी
** सुयश गुप्ता ग्राम हस्तिनापुर
** प्रशांत सिंह चौहान ग्राम भगवानपुर
** जय माॅ काली (सुरेश कुमार श्रीवास्तव) ग्राम हस्तिनापुर
** श्रीमती विद्या सिंह/संजय सिंह ग्राम मझौली
** अक्षय चतुर्वेदी ग्राम सरभोका
** अक्षय चतुर्वेदी ग्राम चित्ताझौर
** विपिन चैहान ग्राम भौता
** तिरथ गुप्ता ग्राम नरकेली
** श्रीमती रजिया सुल्तान/अल्ताफ ग्राम भडारपारा
** ध्रुपद चौहान ग्राम बुदेली

इत्यादि जैसे कई नाम है जिन्होंने पर्यावरण विभाग क्षेत्रीय कार्यालय अम्बिकापुर से अनुमति अभी तक प्राप्त नही होने के वावजुद क्रेशर का नियमित संचालन किया जा रहा है। सूत्र यह भी बताते है कि स्थानीय जिला स्तर पर पर्यावरण कागज बना कर व दिखा कर ये धोका देने से बाज नही आते।

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