बिलासपुर – कोरिया / कोयला मंत्रालय ने कंडक्ट एंड डिसिप्लिन एपील रूल के तहत कोल इंडिया अब बड़ी कार्रवाई करने जा रही है और साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड (एसईसीएल) बिलासपुर के 1801 अधिकारियों को उनके काम से छुट्टी कर घर बैठाने की तैयारी पर अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। कोल इंडिया के इस फैसले के बाद ई-1 से ई-8 ग्रेड के एक्जीक्यूटिव अफसरों के बीच हड़कम्प मचा हुआ है।
बताया जा रहा है कि सीपीएसई की रेटिंग में सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) द्वारा पब्लिक सेक्टर में काम कर रहे भारत सरकार के उपक्रमों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया है। जिसमें कोल इंडिया को फेयर ग्रेड मिला है जो पुअर परफॉर्मेंस से सिर्फ एक ग्रेड ऊपर होता है। सीपीएसई से मिली इस रेटिंग के बाद कोल मंत्रालय नींद से जागा और कंडक्ट एंड डिसिप्लिन एपील रूल को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
ज्ञात हो कि कंडक्ट एंड डिसिप्लिन एपील रूल को 1990 में ही बना दिया गया था। जिसे कोल इंडिया में लागू नहीं किया जा रहा था। क्योंकि इस रूल के लागू होने के बाद लापरवाह अफसरों को प्री मेच्योर रिटायरमेंट देने का प्रावधान है।
सीपीएसई ने बताया कि कोल इंडिया का खर्च ज्यादा और आमदनी कम है। इस कारण लम्बे समय से केंद्र सरकार को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कोल इंडिया में 3.5 लाख से ज्यादा का मेन पावर है जिनकी पगार और अन्य सुविधाओं को देने में ही अरबों रुपये खर्च हो रहे हैं। जबकि इन सभी खर्च को पूरा करने के लिए लक्ष्य के अनुरूप कोयला उत्पादन नहीं हो पा रहा है।
इस योजना के तहत अब कोल इंडिया के 50 से 55 वर्ष के उन सभी अधिकारियों को प्री मेच्योर रिटायरमेंट दी जा रही है जो ई-1 से लेकर ई-8 ग्रेड की मोटी सैलरी बिना आवश्यक काम के ले रहे हैं। इनमें अंडर मैनेजर, जूनियर इंजीनियर, वेलफेयर ऑफिसर्स, इंजीनियर, फायनेंस ऑफिसर्स, असिस्टेंट मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, जनरल मैनेजर समेत सभी विभागों के एक्जीक्यूटिव अधिकारियों को शामिल किया गया है।
कोल इंडिया का यह फरमान एसईसीएल बिलासपुर होते हुए एरिया स्तर तक पहुंच गया है। जहां ऐसे अफसरों की कुंडली तैयार की जा रही है जिन पर प्री मेच्योर रिटायरमेंट की कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में एरिया के जीएम कुंडली तैयार करेंगे फिर अंतिम सूची एसईसीएल के सीएमडी तैयार कर कोल इंडिया को कार्रवाई के लिए भेज देंगे। बताया जा रहा है कई जगह तो खुद एरिया के जीएम भी कार्रवाई की जद में हैं।
यह है पैमाना ———/-/-/—
– अधिकारी की उम्र 50 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए
– उन्हें सर्विस के दौरान कितनी चार्ज सीट मिली
– उनके क्रिमिनल्स और कोर्ट केस की स्थिति
– बीते 5 साल का उनका वर्क परफॉर्मेंस
– उनके द्वारा लिए गए अवकाशों की स्थिति
– कोल इंडिया के प्रति उनका पर्सनल परफार्मेंस
– अधिकारी का पर्सनल रिकार्ड
– विजलेंस में शिकायत की स्थिति
इस प्रकार के जितने भी दागी अफसर होंगे उन्हें प्री मेच्योर रिटायर कर दिया जाएगा।
इनके अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के एरिया स्तर पर जैसे –
सोहागपुर एरिया – 151
जोहिला एरिया – 88
जमुना कोतमा एरिया – 98
हसदेव एरिया – 172
बैकुण्ठपुर एरिया – 67
भटगांव एरिया – 78
विश्रामपुर एरिया – 101
चिरमिरी एरिया – 121
सीडब्लूएस कोरबा – 29
सीएक्सडब्लू गेवरा – 21
दीपिका एरिया – 81
गेवरा एरिया – 140
कोरबा एरिया – 165
कुसमुंडा एरिया – 124
रायगढ़ एरिया – 77
इन सभी अधिकारियों का रिकॉर्ड अंतिम चरण में खंगाला जा रहा है। जल्द ही इन्हें प्री मेच्योर रिटायरमेंट देकर कोल इंडिया से चलता कर दिया जाएगा और कंपनी अपना खर्च कम कर लेगी।
