कोरिया / गोल्ड कप प्रतियोगिता के फाइनल मैच के दौरान महाजन स्टेडियम की गैलरी की छत धसकने से एक नाबालिक 40 फीट की ऊंचाई से अचानक नीचे आ गिरा, जिस्से उस युवक को काफी गंभीर चोटे आई। वो तो गनीमत मानिए की गंभीर हादसा होते – होते टल गया। घायल युवक को तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा में भर्ती किया गया, लेकिन स्थिति बिगड़ती देख उसे तत्काल अपोलो चिकित्सालय बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। क्षेत्रीय चिकित्सालय के चिकित्सक डॉक्टर अशोक विराजी ने घायल के इलाज हेतु पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
एक जानकारी के अनुसार नगर पालिका शिवपुर चरचा की पार्षद श्रीमती कलावती विश्वकर्मा पति सुनील कुमार विश्वकर्मा का पुत्र अक्षय कुमार विश्वकर्मा कक्षा दसवीं का छात्र है जो फाइनल मैच का फुटबॉल देखने के लिए स्टेडियम गया हुआ था। जहां स्टेडियम के गैलरी की छत धसकने से 40 फीट की ऊंचाई से युवक अचानक नीचे आ गिरा। ज्ञात हो कि मैच के दौरान स्टेडियम में हजारों की संख्या में दर्शक उपस्थित थे।
वर्तमान हालत …स्टेडियम के मुख्य द्वार के तरफ से पूरी गैलरी की छत जर्जर हो चुकी है। गैलरी की छत में लगे कॉलम के बीच अधिकांश जगहों पर से सीमेंट की परत लगातार उखड़ कर नीचे गिरते जा रही है। हर जगह से ढलाई में लगे लोहे की छड़ दिखाई पड़ रही हैं। लगातार पानी रिसने की वजह से 12 mm मोटाई के लोहे के छड़ 4 mm की मोटाई में पहुंच गए हैं और पतले होने की वजह से कंक्रीट का लोड नहीं ले पा रहे हैं और जरा सा भी वजन पाने पर गिरने लगते हैं। इस स्टेडियम में मात्र सालभर में एक बार ही रंगाई-पुताई होती है। किंतु कभी भी रिपेयरिंग वर्क नहीं किया जाता और नहीं रखरखाव की ओर ध्यान दिया जाता है। मैच के दौरान एक साइड की गैलरी को खाली कराया गया था वरना और भी गंभीर स्थिति बन सकती थी। गोल्ड कप प्रतियोगिता में एस ई सी एल के निदेशक कार्मिक आर एस झा मुख्य अतिथि बतौर उपस्थित थे इनके द्वारा विगत तीन वर्षों से लगातार सार्वजनिक घोषणा कर महाजन स्टेडियम की अधूरी गैलरी को पूर्ण करने का आश्वासन दिया जाता रहा है, किंतु आज दिवस तक आश्वासन को कार्य रुप में जमीनी हकीकत पर नहीं लाया जा सका है। फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान आधे से अधिक दर्शकों को खड़े रहना पड़ता है किंतु दर्शकों की इस परेशानी से उच्च अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं है। स्टेडियम की छत गिरने व नाबालिक के चोटिल होने से स्थानीय नागरिकों में बेहद आक्रोश है। करोड़ों की लागत का विशाल महाजन स्टेडियम आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। एसईसीएल की शान माने जाने वाला महाजन स्टेडियम विभागीय उदासीनता की वजह से जर्जर हो रहा है। स्टेडियम निर्माण के नाम पर चंद अधिकारियों ने महमूद ग़ज़नवी की तरह इसे लूटा स्टेडियम की अधूरी गैलरी का निर्माण एक ठेकेदार को दिया गया था। जिसने मात्र सरफेस लेवल तक ही काम किया और काम छोड़ दिया गया। बताया जाता है कि इस ठेकेदार के प्रति कोई कार्यवाही नहीं की गई इसके अतिरिक्त स्टेडियम की शेड निर्माण कार्य लगने वाला सैकड़ों टन लोहे का स्ट्रक्चर स्टेडियम के कोने में वर्षों से छोड़ दिया गया है और कबाड़ियों की नजर पड़ने से वह लोहे गायब हो रहे है।

बहरहाल समय रहते यदि इस ओर पहल नहीं की गई तो महाजन स्टेडियम सिर्फ एक खंडहर बनकर रह जाएगा

