कोरिया / जनकपुर में संचालित आदिवासी कन्या आश्रम में रहने वाली छात्राओं की शिकायत पर एसडीएम ने छात्रावास अधीक्षिका को तत्काल हटाया और दुसरी छात्रावास अधीक्षिका को कार्यभार सौंपा है।
आपको बता दे कि जिला मुख्यालय से लगभग 150 किलोमीटर दूर जनकपुर में संचालित आदिवासी कन्या आश्रम में कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक की पचास छात्राएं रहती हैं। इन छात्राओं के साथ काफी समय से गलत व्यवहार किए जाने, अधीक्षिका रूफीना खलखो द्वारा अपने घर में झाड़ू-पोंछा करवाने, छात्राओं के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट करने की लिखित शिकायत एसडीएम भरतपुर को दी गई थी। जिस पर एसडीएम जनकपुर ने आज बुधवार को आदिवासी कन्या आश्रम जनकपुर का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम को जांच करने के लिए आया हुआ देखकर सभी बालिकाएं फफक-फफककर रो पड़ीं। जब एसडीएम ने बालिकाओं से रोने की वजह पूछी तो मासूम बालिकाओं ने बताया कि हमको मैडम अपने घर काम कराने ले जाती हैं और अगर हम लोग काम करने से मना करते हैं तो मैडम हमको बहुत मारती हैं।

इस जानकारी पर एसडीएम ने तत्काल सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को इस मामले की जानकारी दी। जिसके उपरांत उन्होंने कार्रवाई करते हुए छात्रावास अधीक्षिका रूफीना खलखो को तत्काल प्रभाव से उनकी मूल शाला चिड़ौला में भेज दिया। वर्तमान में व्यवस्था बनाने के लिए एक दूसरे छात्रावास की वार्डन मधुबाला सिंह को कार्यभार सौंपा गया है। साथ ही अधीक्षिका पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए है।
