नई दिल्ली / आज 2018 के लिए लोकसभा में बजट भाषण देते वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार की ओर से बजट पेश किया।
आपको बता दे कि मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जहां किसानों, गरीबों और महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाओं का ऐलान किया, वहीं नौकरीपेशा लोगों को राहत नहीं मिली। जेटली ने इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि सरकार ने स्टैंडर्ड डिडेक्शन की फिर से शुरुआत की है और इसके तहत 40 हजार रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया जाएगा। वहीं अब, म्युचूअल फंड की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। सीनियर सिटिजन्स को विभिन्न जमाओं पर मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलेगी, पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी। शिक्षा, स्वास्थ्य पर सेस अब 3 फीसदी की जगह 4 फीसदी लगाया जाएगा। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से मोबाइल फोन और टीवी अब महंगे हो जाएंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 से 7.5 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पिछले तीन साल में भारत की औसत वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रही है।
बजट भाषण की अहम बातें-
** विदेशी निवेश में बढ़ोतरी हुई है
** गरीबी दूर करके मजबूत भारत बनाएंगे
** उच्च आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं
** आज का युवा ईमानदारी का जीवन जी रहा है
** दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
** उज्ज्वला योजना से करोड़ों गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन
** सौभाग्य योजना से करोड़ों घर रोशन हो रहे हैं
** दवाएं सस्ती हुई हैं, स्टेंट के दाम कम हुए
** गरीबों और मध्यमवर्ग को आवास योजना से ब्याज दरों में बड़ी राहत
** अनावश्यक नियम कानूनों से लोगों को राहत देने के लिए हम प्रतिबद्ध
** जीएसटी को और आसान बनाया गया
** हम ईज ऑफ लिविंग पर जोर दे रहे हैं
टैक्स से संबंधित घोषणाएं
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, सरकार ने स्टैंडर्ड डिडेक्शन की फिर से शुरुआत की, 40 हजार रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया जाएगा, म्युचूअल फंड की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा, सीनियर सिटिजन्स को विभिन्न जमाओं पर मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट मिलेगी, स्वास्थ्य पर सेस अब 3 फीसदी की जगह 4 फीसदी लगाया जाएगा, 250 करोड़ तक के टर्नओवर वाली कंपनी को 25 प्रतिशत कॉरपोरेट टैक्स, सरकार का घाटा 5.95 लाख करोड़ रहा, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी बढ़ा, वित्तीय घाटा काबू करने की कोशिशें जारी, आयकर दाताओं की संख्या 2014-15 में 6.47 करोड़ से बढ़कर 2016-17 में 8.27 करोड़ हो गई।
कृषि क्षेत्र के लिए घोषणाएं
कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए प्रयासरत, किसानों को लागत का डेढ़ गुना मिलेगा,
2000 करोड़ की लागत से कृषि बाजार बनेगा, नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाने का ऐलान, ऑपरेशन ग्रीन के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा, सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा, 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे,
जानवरों को पालने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा,
किसानों को कर्ज के लिए 11000 करोड़ रुपये का फंड।
शिक्षा के लिए घोषणाएं
शिक्षा की गुणवत्ता अब भी बड़ी चुनौती, ब्लैक बोर्ड से डिजिटल बोर्ड की तरफ जाएंगे, टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम की शुरुआत, नवोदय की तरह आदिवासी इलाकों में एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे, प्री नर्सरी से 12वीं तक एक ही पॉलिसी होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र
देश में 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, फ्लैगशिप राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना की शुरुआत, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ‘आयुष्मान भारत’ योजना, 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष की हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा, टीबी के मरीजों को सरकार की तरफ से हर महीने 500 रुपये।
रोजगार और व्यापार
इस साल 70 लाख नौकरियों का लक्ष्य, 50 लाख युवाओं को नौकरी के लिए ट्रेनिंग देगी सरकार, रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर, व्यापार शुरू करने के लिए सरकार 3 लाख करोड़ का फंड देगी, मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य।
रेल बजट
रेलवे के सारे नेटवर्क को ब्रॉड गेज में बदला जाएगा, 3600 किमी पटरियों के नवीनीकरण का लक्ष्य, दो सालों में 4268 मानवरहित क्रॉसिंग समाप्त कर दिए जाएंगे, रेलवे के लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, 600 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा, सभी ट्रेनों में वाई-फाई और सीसीटीवी लगाने की योजना, मुंबई में लोकल ट्रेनों का दायरा बढ़ेगा, 18,000 किलोमीटर रेल लाइनों का दोहरीकरण किया जाएगा।
राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख, उपराष्ट्रपति का वेतन 4 लाख रुपये होगा
** राज्यपाल का वेतन 3.5 लाख रुपये होगा
** सांसदों का वेतन हर 5 साल में बढ़ाने का फैसला
हर जिले में स्किल सेंटर खोले जाएंगे
** 2.5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड को बढ़ावा दिया जाएगा
** देश में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी नहीं चलेगी
