नई दिल्ली / आधार और इससे जुड़ी सेवाओं को लेकर अभी भी काफी कंफ्यूजन है। आधार लिंक कब कराना है, आधार नहीं होगा तो क्या सर्विसेज बंद हो जाएंगी। आधार में डिटेल्स अपडेट करानी है तो 31 मार्च तक ही होना है। जैसे तमाम सवाल हैं, लेकिन सच्चाई क्या है। अभी तक यही जानकारी है कि अधिकांश सर्विसेज को आधार से लिंक कराने और आधार को अपडेट करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। UIDAI ने इसको लेकर सफाई जारी कर दी है।
आपको बता दे कि आधार को लिंक और अपडेट करने के लिए जरूरी नहीं 31 मार्च आखिरी तारीख है। दरअसल, कुछ सेवाओं के लिए यह तय समय सीमा है। लेकिन, हर सेवा या आधार की डिटेल्स अपडेट करने के लिए ऐसा नहीं है। दावा किया जा रहा है कि 31 मार्च के बाद न तो किसी का आधार में रजिस्ट्रेशन होगा और न ही अपना पता या फोन नंबर आदि अपडेट करा सकते हैं। लेकिन UIDAI ने साफ किया है कि आधार को कभी भी अपडेट किया जा सकता है। UIDAI ने यह साफ किया कि इस तरह के दावे झूठे और भ्रामक हैं।
UIDAI ने कहा है कि आधार रजिस्ट्रेशन और इसे अपडेट कराने की कोई अंतिम समय सीमा नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी अपने नजदीकी आधार केंद्र में जाकर आधार रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। साथ जब चाहें आधार में दी गई जानकारी को अपडेट किया जा सकता है। मतलब ये कि आपने अगर कुछ समय पहले आधार बनवाया है या उससे भी पुराना है और आपका फोन नंबर या पता बदल गया है तो आसानी से इसे अपडेट किया जा सकता है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने जनता को आगाह किया कि वह प्लास्टिक वाले या लेमिनेटेड आधार स्मार्ट कार्ड के चक्कर में न पड़े, क्योंकि इनकी अनाधिकृत छपाई से क्यूआर (QR) कोड काम करना बंद कर सकता है और यूजर की सहमति के बिना ही व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक हो सकती है।
UIDAI के मुताबिक, आधार पत्र या इसका कटा हुआ भाग, सामान्य कागज पर आधार का इंटरनेट से निकाला गया संस्करण या एम आधार पूरी तरह वैध है। UIDAI का कहना है कि आधार स्मार्ट कार्ड की अनाधिकृत छपाई से यूजर को 50 से 300 रुपए की लागत आएगी जो कि पूरी तरह अनावश्यक है। प्राधिकरण ने एक बयान में कहा है, ‘प्लास्टिक या पीवीसी आधार स्मार्ट कार्ड का आमतौर पर क्यूआर कोड के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता क्योंकि अनाधिकृत छपाई के दौरान यह कोर्ड काम करना बंद कर देता है।
