नई दिल्ली / शुक्रवार को लगातार नौवें दिन संसद के दोनों सदनों में दिन भर हंगामा होता रहा। सरकार ने सदनों के भीतर ही नहीं सदन के बाहर भी विपक्ष से सहयोग की अपील की लेकिन विपक्ष पर सरकार की अपील का कोई असर नहीं हुआ। हालांकि लोकसभा में हंगामे के बीच ही बिना चर्चा के ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक पारित कर दिया। जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख रुपये करने का प्रावधान है।
बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार नौवें दिन हंगामा जारी है। कांग्रेस समेत कई दलों के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों में हंगामा होता रहा और बार-बार स्थगन के बाद सदन की कार्रवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचोबीच आ गए।ये तमाम दल अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। सरकार ने सदन के बाहर और भीतर हर जगह विपक्ष से सहयोग मांगा और सदन की कार्यवाही चलाने की मांग की लेकिन विपक्ष सुनने को तैयार नहीं था।
हालांकि हंगामे के बीच ही लोकसभा ने ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक, 2017 बिना चर्चा के पारित कर दिया। यह विधेयक केंद्र सरकार के कर्मियों के लिए ग्रेच्युटी की मौजूदा सीमा दस लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने के बारे में है। सदन ने विशेष राहत संशोधन विधेयक भी पारित कर दिया।
उधर राज्यसभा में भी हंगामा जारी रहा और सदन में नौवें दिन भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सके। जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई टीडीपी नेता वाईएस चौधरी के अनुरोध पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने उन्हें मंत्रि परिषद से अपने इस्तीफे के कारणों को स्पष्ट करने की अनुमति दी। उनके बयान के बीच ही हंगामा मच गया, जिस पर सभापति ने कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी। दो बजे भी हंगामा जारी रहा और सदन तीन बजे तक के लिए स्थगित हुआ। तीन बजे फिर हंगामा जारी रहा और कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। इसी का नतीजा है कि संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है और ज़रूरी बिल अटके हैं। हंगामे के बीच ही बुधवार को सरकार ने वित्त और विनियोग विधेयक पारित कराया।
