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राजीव गांधी स्टडी र्स्कल द्वारा व्याख्यान, पुस्तक विमोचन, आर.जी.एस.सी. दिल्ली के बेबसाईट उद्धाटन कार्यक्रम का सफल आयोजन

रायपुर / जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के भाषा, साहित्य और संस्कृति अध्ययन विद्यालय के परिसर में राजीव गांधी स्टडी र्स्कल द्वारा व्यख्यान, पुस्तक विमोचन, आर.जी.एस.सी. दिल्ली के बेबसाईट उद्धाटन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

डा. रामानन्द ने सभी अतिथियों का परिचय करवाया तथा उनका स्वागत करते हुए कार्यक्रम को प्रारम्भ किया। आर.जी.एस.सी. दिल्ली के तरफ से प्रमोद पॉंण्डे ने स्वागतीय भाषण दिया। डा. महमुद ने राजीव गॉधी स्टडी र्स्कल के दृष्टिकोण और सामाज में उसकी प्रासंगिता के बारें में बताया। उसके बाद डा. जनानेन्द्र जी (सोशल मीडिया के समन्वयक) के नेतृत्व में उनके टीम द्वारा निर्मित आर.जी.एस.सी. दिल्ली के बेबसाईट का उद्धाटन गौरव गगोई जी (सांसद और ए.आई.पी.सी. के पूर्वी क्षेत्र के समन्वयक) ने किया। डा. अमना मिर्जा द्वारा संपादित ‘कंटूरिंग ग्लोबल पॉलिटिक्स’ पुस्तक के संदर्भ मे बताया व गगोई जी द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया।

गौरव गगोई ने ‘भारत के उसके पड़ोसी देशों के साथ संबंध’ पर बोलते हुए कहा कि भारत का विदेश नीति का विकास इसके बाजार के क्षमता पर निर्भर रही है। उन्होने 1991 से वर्तमान सरकार तक के विदेश नीति के विभिन्न चरणों का समीक्षा करतें हुए कहॉ कि वर्तमान सरकार के विदेश नीति में उल्लेखनीय बदलाव आया है। आज सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विदेश नीति के बारें में बात करते हुए भी घरेलु राजनीति के फायदें देखती है। आज विदेश नीति धरेलु राजनितिक का एक माध्यम बन गया है। जिसका फायदा उठाते हुए चीन ने हमारे पड़ोसी और मित्र देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत बनाया है जिससे भारत अकेले पड़ता जा रहा है खासतौर से अपने पड़ोसी देशों के बीच। हाल के दिनों में उत्पन्न हुए समस्याओं (रोहिंग्या और मालदिव) पर भारत कोई स्पष्ट और मजबूत रूख नही अपना पाया है। इसके साथ ही गगोई जी नें छात्रों द्वारा पूछे गयें विभिन्न प्रश्नों का बहुत ही स्पष्टता से जबाब दिया।

अंत में प्रो. सतीश राय नें अपनें अध्यक्षीय भाषण से इस कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान डा. चयनिका उनियाल ने मंच का संचालन बखूबी सम्भाला। इस कार्यक्रम में अश्विनी शंकर जी, खेम चन्द्र, दिनेश आर्या, एम. खान, उदयवीर सिंह, तारकेश्वर नेगी, विशाल कु. गुप्ता, कंवलजीत कौर, नयनतिका भारद्ववाज, शिशिर मिश्रा, सोनू कु. गुप्ता, गजेन्द्र सिंह सेहरावत, मणीनेन्द्र सिंह, देश दीपक सिंह आदि लोगो की उपस्थिति और विभिन्न विश्वविद्यालय के छात्रों की भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

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