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राज्यसभा सांसद राम विचार नेताम को लेकर बड़ा खुलासा, निर्वाचन आयोग प्रकरण को ले संज्ञान में और भाजपा नेताम की सदस्यता करे निरस्त, मामले में मुकदमा भी दर्ज कराये – संजीव

रायपुर / जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक संजीव अग्रवाल ने किया भाजपा के राज्यसभा सांसद राम विचार नेताम को लेकर एक बड़ा खुलासा ….छत्तीसगढ़ से भाजपा के राज्यसभा सांसद राम विचार नेताम ने चुनाव आयोग के समक्ष दिए गए अपने शपथ पत्र में जानकारी छुपाने का काम किया है। 3 जून 2016 को दिए गए अपने चुनावी शपथ पत्र में राम विचार नेताम ने अपनी पत्नी श्रीमती पुष्पा देवी नेताम के संबंधित जानकारी के कॉलम में एक कंपनी का ब्यौरा जान बूझकर छिपाने का काम किया है जिसका टर्नओवर लगभग 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। कोलकाता में रजिस्टर्ड इस कंपनी का नाम गरिमा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड है। इस कंपनी में राम विचार नेताम की पत्नी श्रीमती पुष्पा देवी नेताम भी एक डायरेक्टर है। 

भाजपा के नेता श्री राम विचार नेताम, राज्यसभा के सांसद जून 2016 में बने हैं जबकि उनकी पत्नी इस कंपनी में उस समय भी डायरेक्टर थी। पुष्पा देवी नेताम ने इस कंपनी की डायरेक्टर शिप से अपना इस्तीफा 1 अगस्त 2017 को दिया लेकिन राम विचार नेताम ने इस जानकारी को अपने शपथ पत्र में उल्लेख नहीं करते हुए चुनाव आयोग को अंधेरे में रखा।

श्री राम विचार नेताम के सांसद बनने से पहले 13 जून 2015  से लेकर 01 अगस्त 2017 तक उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पा देवी नेताम इस कंपनी में डायरेक्टर रही लेकिन अपने चुनावी शपथ पत्र में उन्होंने इस जानकारी को छुपाया, जो कि निर्वाचन अपराध की श्रेणी में आता है।

चुनावी शपथ पत्र जो फॉर्म 26 कहा जाता है उसमें केंद्रीय चुनाव आयोग के द्वारा जारी गाइडलाइन्स और नियमों के मुताबिक फॉर्म 26में शपथ पत्र में किसी भी प्रकार की असत्य घोषणा करने या सूचना छुपाने पर धारा 125 (क) के प्रावधान लागू होंगे। इस धारा के अधीन फॉर्म26 ( शपथपत्र ) में किसी भी प्रकार की असत्य सूचना प्रस्तुत करना या सूचना छुपाने एक निर्वाचन अपराध है जिसमें छह महीने तक की कैद का दंडनीय प्रावधान है।

इस पूरे मामले में एक व्यक्ति भगवान दास की खास भूमिका है । जो नेताम जी का पार्टनर कहा जा सकता है । इस व्यक्ति के कंपनी में जुड़ने के बाद से कंपनी का टर्नओवर तेजी से बढ़ा है जो 8 करोड़ से ज्यादा पहुँच गया । पुष्पा देवी नेताम के साथ भगवान दास भी उनकी इस कंपनी में डायरेक्टर है । भगवान दास नेताम की दूसरी कंपनी मा कुदरगढ़ी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड में भी डायरेक्टर हैं ।

 कुछ सवाल जिनके जवाब भाजपा सांसद राम विचार नेताम को देना चाहिए – 

  1. छत्तीसगढ़ में रहकर कोलकाता से कंपनी का रेजिस्ट्रेशन क्यों कराना पड़ा, जबकिं देश मे कोलकाता को शैल कम्पनियों का ठिकाने के तौर पर जाना जाता  है। 
  2. गलत काम या चोरी से किये गए ऐसे कामों को हमेशा छुपाया जाता है जिसे व्यक्ति नहीं चाहता कि वो जनता के सामने आए वरना उसकी चोरी पकड़ी जाएगी। इस कंपनी की डिटेल्स को राम विचार नेताम ने क्यों छिपाकर रखा? क्या इसमें काला धन का इस्तेमाल हुआ है?                    
  3. जिस तरह से इस कंपनी का कामकाज संदिग्ध है उससे लगता है कि बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का काम हुआ है जिसकी जांच इनकमटैक्स और ED को करना चाहिए ।
  4. राम विचार नेताम और उनकी पत्नी ने शपथ पत्र में अपनी आय और इनकम टैक्स रिटर्न का जो विवरण दिया है उसके मुताबिक इन कंपनियों में हुए टर्न ओवर और इसकी आय की जांच इनकम टैक्स को तुलनात्मक रूप से करना चाहिए ।
  5. चुनावी शपथ पत्र में जानकारी छुपाने का अपराध राम विचार नेताम पर दर्ज होने चाहिए और उनकी राज्यसभा की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।
  6. गरिमा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड में हुए निवेश की जांच भी होनी चाहिए । किन लोगों ने और किन कंपनियों ने  नेताम जी की इस कंपनी में निवेश किया है, क्योंकि ऐसी जानकारी है कि इस कंपनी के माध्यम से बड़े पैमाने पर काले धन को सफेद किया गया है।

संजीव अग्रवाल ने मांग की है कि राज्य के निर्वाचन आयोग इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद राम विचार नेताम की सदस्यता निरस्त कर उन पर आपराधिक मामले में मुकदमा दर्ज कराये ।

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