00 प्यासे पंछियों के लिए सकोरों में पानी रखने का आव्हान
रायपुर / मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के लाखों स्कूली बच्चों के लिए इस बार गर्मियों में एक मई से 16 जून तक यानी डेढ़ महीने की पूरी छुट्टी देने की घोषणा की है। डॉ. सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित मासिक रेडियोवार्ता ’रमन के गोठ’ में बच्चों और उनके अभिभावकों के नाम अपने संदेश में कहा-मैं आपको यह खुशखबरी देता हूं कि इस बार गर्मी की छुट्टी पूरे डेढ़ माह की मिलेगी।
उन्होंने सभी लोगों से गर्मी के मौसम में आसपास के पेड़-पौधों को पानी देने और पशु पक्षियों के लिए भी पानी रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बच्चों और उनके अभिभावकों से गर्मियों में प्यासे पंछियों की प्यास बुझाने के लिए घरों के आंगन में या पेड़ों पर सकोरे में पानी रखने का भी आव्हान किया। उन्होंने कहा कि अगर आप कभी रायपुर मेरे निवास में आएंगे तो देखेंगे कि परिसर के वृक्षों में लगाए गए सकोरो में सैकड़ों पक्षी पानी पी रहे हैं। उन्हें इस प्रकार पानी पिलाकर आपको भी खुशी होगी।
मुख्यमंत्री ने इस बार स्कूलों में डेढ़ महीने की गर्मी की छुट्टी देने के राज्य सरकार के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा-पहले एक अप्रैल से ही नई कक्षा की पढ़ाई शुरू करनी पड़ती थी, बीच में छुट्टी मिलती थी और 16 जून से फिर स्कूल खुलते थे। भारी गर्मी के बीच आपको स्कूल जाना पड़ता था, जिसमें कई परेशानियां होती थी, लेकिन अब इस समस्या का हल निकालते हुए यह निर्णय लिया गया है कि एक मई से 16 जून तक यानी डेढ़ माह तक पूरी छुट्टी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा-बच्चे गर्मी की इन छुट्टियों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। अपनी दादी-नानी, बुआ-मौसी, मामी और अन्य रिश्तेदारों के गांव, घर या अन्य जगह घूमने जा सकते हैं। अपनी हॉबी के अनुरूप कुछ नया सीख सकते हैं। जैसे-खेल, संगीत, नाटक या कोई सृजनात्मक कला। इस तरह मनोरंजन के साथ-साथ उनके समय का सदुपयोग भी होगा।
उन्होंने कहा-जहां तक परीक्षा के नतीजों का सवाल है, तो मैं सबको सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन जो सफलता से एक-दो कदम पीछे रह जाते हैं, उन्हें पूरी हिम्मत से मैदान मंें डटे रहना चाहिए, क्योंकि मेरा अनुभव है कि पहले प्रयास में जो थोड़ा पीछे रह जाता है, वह ज्यादा मन लगाकर तैयारी करता है और अपनी मेहनत से बड़ी सफलता भी हासिल करता है। डॉ. रमन सिंह ने कहा-हम लोग भी अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन में ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं। मैं स्वयं कुछ चुनावों में पराजित भी हुआ हूं, लेकिन हर पराजय ने मुझे नई जिद और नये सबक दिए, जिसके कारण आगामी अवसरों पर मुझे कई सफलताएं मिली।
डॉ. सिंह ने बच्चों के अभिभावकों से कहा-पालकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ सहानुभूति और दोस्ती का व्यवहार रखें। सदैव प्रेरक और तनावमुक्त वातावरण बनाए रखें। आने वाले दिनों में गर्मी तेज होगी। खास तौर पर बच्चों को चाहिए कि वे दोपहर का समय घर के बाहर न बिताएं और छायादार स्थानों पर ही रहें। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ-साथ प्रदेश के समस्त परिवारों को यह नसीहत दी कि गर्मी का समय सबके लिए कठिन होता है। इसलिए मैं चाहूंगा कि बच्चे ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे। उबला हुआ या शुद्ध पानी पर्याप्त मात्रा में पियें। बाहर में खुला रखा या बासी भोजन नहीं करने की भी मुख्यमंत्री ने सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में लोक सुराज अभियान 2018 के अपने अनुभवों का साझा किया। वहीं उन्होंने गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार की तैयारियों की भी जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा- वर्ष 2003 की स्थिति में राज्य की 44 हजार 552 बसाहटों में पेयजल की व्यवस्था थी, लेकिन अब 74 हजार 685 बसाहटों में से प्रत्येक में कम से कम एक पेयजल स्त्रोत उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने कहा- प्रति व्यक्ति प्रति दिन 40 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने के भारत सरकार के मापदण्ड के अनुसार छत्तीसगढ़ में इसकी समुचित व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने गर्मी के दिनों में पानी की अधिक जरूरत का उल्लेख करते हुए कहा-यदि सब लोग अपने पानी के उपयोग में थोड़ी-थोड़ी कटौती करें और बचत के साथ पानी का उपयोग करें तो सबको पानी मिल सकता है।
