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RTI कार्यकर्ता हेमंत नायडू को समयावधि पर जानकारी नही मिलने से परिसर पर ही कराया मुंडन, जताया विरोध

00 चिकित्सा विभाग के लिपिक के द्वारा मिला जान से मारने की धमकी
00 सूरजपुर पुलिस के द्वारा अभी नही लिखा गया रिर्पोट

सूरजपुर से अजय लाल की खास रिपोर्ट / जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा की गयी दवाई खरीदी में व्यापक भ्रष्टाचार करने, ए एन एम की भर्ती में गोलमाल करने और सूचना के अधिकार के तहत अपील के बावजूद सूचना मुहैया न कराने के विरोध में आरटीआई कार्यकर्ता टी हेमंत नायडू ने आज मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सामने मुंडन करवा कर विरोध जताया।

गौरतलब है कि बीते वित्तीय वर्ष में दवाई एवं अन्य संसाधन की खरीदी हेतु जिला चिकित्सालय में 5 करोड रुपए का बजट राज्य शासन से प्राप्त हुआ था। उन्होने मुण्डन कराने के बाद आरोप लगाया कि इस बजट का समुचित उपयोग न कर पाने के कारण लगभग 1,70,00000 रुपए का बजट कालातीत हो गया इसके अलावा प्रबंधन द्वारा जितने की सामग्री क्रय की गई उसमें कमिशन के रूप में प्रतिशत आधार पर भ्रष्टाचार किया गया है वही ए एन एम की भर्ती में पात्र एवं अपात्र के अनदेखी करते हुए सक्षम अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है उन्होंने आरोप लगाया है कि इस सभी संवैधानिक नियमों के विपरीत हुए कार्यों में जिला के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और संगठित लिपिकों का गिरोह सक्रिय रहा है।


16 आवेदनो का नहीं हुआ निराकरण
बता दे कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में न तो सूचना के अधिकार का बोर्ड लगा है और ना ही सूचना के अधिकार के तहत दिए गए आवेदनों का निराकरण समय सीमा में किया जाता है। वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एस पी वैश्य ने जिला मानिटरिंग समिति के सदस्य को यह जानकारी दी है कि जिस लिपिक को सूचना के अधिकार की जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है उसके द्वारा 16 आवेदनों का निराकरण समय सीमा पर नहीं किया है इस बात की जानकारी उच्चाधिकारियों को होने के बावजूद जिम्मेदार लिपिक के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

मिल रही मारकर फेक देने की धमकी
आरटीआई कार्यकर्ता टी हेमंत नायडू ने आरोप लगाया है कि चिकित्सालय में कार्यरत एक लिपिक के द्वारा उन्हें सूचना के अधिकार के आवेदन पर सम्बंधित जानकारी ना देने और मांगने पर जान से मार कर फेंक देने की धमकी दी गई है। जिसकी शिकायत उन्होंने कोतवाली थाना में भी की है लेकिन अभी तक उनकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

कलेक्टर ने मांगा दो दिन का समय
आरटीआई कार्यकर्ता टी. हेंमत नायडु ने कलेक्टर से मिलकर सारी समस्या को बताया। कलेक्टर केसी देव सेनापति ने दो दिन के भीतर पूरी जानकारी दिलाने का आश्वासन दिया। अगर दो दिन के भीतर चिकित्सा विभाग जानकारी उपलब्ध नही कराता है तो उनके सारे रिकार्ड को जप्त किया जायेगा।

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