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बलरामपुर में कथित बैंक घोटाला, पंचायत सीईओ ने निष्क्रीय किए कियोस्क कोड

बलरामपुर से सुनील ठाकुर / मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए सभी ग्राम पंचायतों में काम कर रहे वी.एल.ई. (बैंक को-ऑर्डिनेटर) के काम करने पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। जिला सीईओ ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर को पत्र लिखकर किओस्क कोड को निष्क्रीय करने को कहा है।

दरअसल जिले के कियोस्क ऑपरेटर में से किसी न किसी पर लगातार गबन के आरोप लग रहे हैं। ऑपरेटरों की मनमानी से परेशान ग्रामीण खुद और जनप्रतिनिधि के जरिए कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। जांच के दौरान जिला सीईओ ने पाया कि जिले में मौजूद ज्यादाकर वी. एल.ई.(बैंक को-ऑर्डिनेटर) सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।

बता दें कि बलरामपुर जिले में कुल 415 पांचायतें हैं। जिले में मूलभूत सुविधाओं और मरनरेगा के काम के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए सभी पांचायतों में पंचायत बैंक की शुरुआत की गई थी, ताकि लोग बैंकिंग सिस्टम के ज्यादा से ज्यादा जुड़ सकें और उन्हें रकम जमा करने और निकालने के लिए भटकना न पड़े। योजना के तहत बैंक को-ऑर्डिनेटर हितग्राहियों के अंगूठे का निशान लेने के बाद बैंक के रकम निकालकर ग्रामीणों को दे देते थे। सभी पंचायत को-ऑर्डिनेटर्स को प्रशासन के आदेश पर एक कोट आवंटित किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक जिला पंचायत सीईओ सभी वी.एल.ई. की जांच कराने का मन बना रहे हैं। जांच के दौरान जिले में मौजूद वीएलई के काम की जांच की जाएगी। जांच में निर्दोष पाने जाने पर ही वीएलसी को आगे काम करने की इजाजत दी जाएगी। अगर जांच के दौरान कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो ऐसी सूरत में उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उसपर एफआईआर भी कराई जाएगी।

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