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बिना बिजली, नेटवर्क के कैसे चलेगी मोबाईल – कांग्रेस, अंबानी के हित के लिये मोबाईल योजना

रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के सवाल के जवाब में उत्तर दिया था, छत्तीसगढ़ में 122 गांव और 6191 बसाहटों तक बिजली पहुंचना शेष है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2018 को मणिपुर के निजी गांव में बिजली पहुंचने पर ट्वीट किया था कि देश के सभी गांव तक बिजली पहुंच गई है। प्रधानमंत्री मोदी का यह ट्वीट सही जानकारी नहीं देता था और छत्तीसगढ़ में अभी भी अनेक गांव अनेक बसाहटों के लाखों घरों तक बिजली पहुंचना शेष है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री और कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने रमन सिंह सरकार से पूछा है कि क्या बिजली से वंचित इन गांवों और इन बसाहटों में रहने वाले युवाओं छात्रों और महिलाओं को सरकार की मोबाइल वितरण योजना का लाभ मिलेगा या नहीं? यदि सरकार की मोबाइल वितरण योजना का लाभ इन बिजली से वंचित गांव और बसाहटों में रहने वालों को नहीं मिलेगा तो यह उनके साथ दोहरा अन्याय होगा। बिजली के साथ-साथ उन्हें मोबाइल से भी वंचित रखा जा रहा है। यदि इन लोगों को मोबाइल बांटा जाएगा तो सरकार बताएं कि वह अपने मोबाइल को चार्ज कैसे करेंगे? इस विषय में सरकार ने क्या कार्य योजना बनाई है?

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि रमन सरकार लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं कमीशनखोरी और चुनावी लाभ के लिये मुफ्त मोबाईल बांट रही है। इसीलिये बिना पूरा प्लालिंग किये, बिना बिजली पहुंचाये और नेट कनेक्टिविटी के बिना मोबाईल बांट रहे है। भाजपा सरकार द्वारा बांटे जाने वाला मोबाईल गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को भी पूरा नहीं करता। जानकार विशेषज्ञ बताते हैं कि भाजपा सरकार द्वारा बांटे जाने वाले मोबाईल 6 से 7 महिने ही चल पायेंगे। इस मोबाईल की मदरबोर्ड की गुणवत्ता संदिग्ध है। कुछ महीनों में यह मोबाईल हैंग होने लगेगा। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा सरकार की मोबाईल योजना अंबानी के जियो कंपनी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से लाई गई है। जियो को टावर लगाने के लिये सरकारी धन दिया जा रहा है। इसके साथ ही जनता को बांटे जाने वाले मोबाईल में जियो का सिम लगाकर दिया जा रहा है। यदि सरकार की नीयत में खोट नहीं होता तो मोबाईल टावर लगाने के लिये सरकारी मोबाईल कंपनी बीएसएनएल को मदद की जाती तथा बांटे जाने वाले मोबाईल में बीएसएनएल का सिम लगा कर दिया जाता, इससे घाटे में जा रही सरकारी मोबाईल कंपनी बीएसएनएल का फायदा होता।

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