कोरिया / हमेशा जनसेवा के लिए तत्पर श्रम मंत्री भैयालाल राजवाड़े ने एक बार फिर उदारता का परिचय देते हुए साहू परिवार की दो ऐसी छात्राएं की मदद किया है जिनके सर से माँ-बाप का हाथ उठ चुका है। छात्राएं की स्थिति जानने के बाद श्रम मंत्री ने उनके पढ़ाई के लिए आर्थिक रूप से मदद किया और आगे भी मदद करने की बात कही है। यही नही मौके पर जिले के महिला बाल विकास अधिकारी को बुलाकर उनके सम्बंध में प्रकरण तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया है जिनसे बालिग होने तक दोनों छात्राओं का सही भरण-पोषण हो सके।
साहू समाज के हैं यह छात्राएं – श्रम मंत्री भैयालाल राजवाड़े द्वारा जिन छात्राओं की मदद की गई है वे दोनों छात्रायें साहू समाज से आती हैं। बैकुण्ठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम रामपुर निवासी छात्राओं के नाना ईश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि प्राची साहू 9 वर्ष एवं प्रिंसी साहू 11 वर्ष के है। पिता राजेश साहू (सरभोका निवासी) का निधन सड़क दुर्घटना में वर्ष 2009 में हो गया था। जिसके बाद उनकी माँ अपने मायके में ही आकर रहने लगी थी, लेकिन वर्ष 2015 में मां का भी निधन हो गया। जिसके बाद से दोनों छात्रायें अपने नाना के घर पर ही रह रही हैं और क्रमशः5वीं और 7वीं में अध्ययनरत हैं।
दोनो छात्राओं को लेकर उनके नाना ईश्वर प्रसाद ने श्रम मंत्री श्री राजवाड़े से मिलकर मदद की गुहार लगाई जिसके बाद श्री राजवाड़े ने सहृदयता का परिचय देते हुए प्रारंभिक तौर पर दोनो छात्राओं के पढ़ाई के लिए 25000-25000 रुपये का आर्थिक मदद किया है।
आगे भी मदद को तैयार श्रम मंत्री – शनिवार को दोनो छात्राओं को सहायता राशि का चेक सौपते हुए श्रम मंत्री ने उनसे हालचाल जाना और पढ़ाई लिखाई के बारे में पूछताछ करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया है। श्रम मंत्री ने दोनों छात्राओं से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा और उन्हें आगे भी मदद करने का वायदा किया। उनके हालात को देखते हुए श्रम मंत्री भैयालाल राजवाड़े ने तुरंत घर पर ही जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंद्रवेश सिसोदिया से चर्चा किया और विभाग से मिलने वाली मदद देने को कहा। यही नही उनके भविष्य के लिए भी प्रकरण तैयार कर शासन को भेजने को कहा।
डॉक्टर औऱ इंजीनियर बनना चाहती हैं छात्राएं – श्रम मंत्री से सहायता राशि एवं भविष्य में भी हर संभव मदद करने का आश्वासन मिलने के बाद दोनों छात्रा प्राची एवं प्रिंसी साहू ने हर्ष व्यक्त किया है। छात्रा प्राची जहां आगे पढ़लिखकर इंजीनियर बनना चाहती है तो वहीं प्रिंसी डॉक्टर बनने की इच्छा रखती है छात्राओं का कहना है कि वे अपने माँ बाप का सपना जरूर पूरा करेंगी। महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंद्रवेश सिसोदिया ने भी छात्राओ की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हर सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
