कोरिया जिले के एकलव्य छात्रवास से एक अक्टूबर को एक छात्र लापता हो गया था जिसकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी हैं। इसकी शिकायत खड़गवां थाने में भी उसी दिन दर्ज करा दी गई थी पर तीन दिन हो जाने के बाद भी जब छात्र नहीं मिला तो परिजनों के साथ ग्रामीणों के द्वारा आज सुबह से छात्रवास के सामने चिरमिरी बिलासपुर मुख्यमार्ग पर चक्का जाम कर पुलिस और छात्रवास प्रबंधक के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करने लगे। चक्का जाम की जानकारी जब पुलिस को लगी तो पुलिस बल भी मौके पर पहुच गए और ग्रामीणों को समझने लगे पर ग्रामीण अपनी ज़िद थे की जब तक कलेक्टर और एसपी मौक़े पर नहीं आएंगे और हमारे बच्चे को खोज कर नहीं लाते है तब तक हम नहीं हटेंगे। जिसके बाद मौके पर चिरमिरी एसडीएम पहुँचकर जल्द से जल्द लापता बालक का पता लगाने का आश्वासन परिजन और ग्रामीणों को दिया जिसके बाद चक्का जाम समाप्त हो सका।
मामला एकलव्य छात्रावास का है यहां एक अक्टूबर को हिमांशु सिंह नाम छात्र जो कि सातवीं कक्षा में पड़ता है उसके लापता होने की ख़बर लगी। छात्रावास के अधीक्षक को एक तारीख की शाम को जब पता चला की हिमांशु छात्रावास में नहीं है तो हिमांशु के घर पर फोन कर पूछा कि क्या हिमांशु घर पहुंच गया है। हिमांशु के घर वालों ने बताया कि उसको तो 6 दिन पहले हमने छात्रावास में भेज आए थे, वह वही होना चाहिए घर तो नहीं आया। जिसके बाद छात्रावास अधीक्षक के द्वारा लापता छात्र की खबर खड़गवां पुलिस थाने में दी गई। लापता छात्र के माता पिता अपने बच्चे की लापता होने की खबर सुनने के बाद छात्रावास में पहुंचे, उसके बाद खड़गवां थाना पहुंचकर अपने बच्चे की घूमने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
3 दिन बीत जाने के बाद जब छात्र का पता नहीं चल पाया तो परिजन के साथ ग्रामीणों में भी आक्रोश आ गया और छात्रावास के सामने चिरमिरी बिलासपुर के मुख्य मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में शामिल होकर चक्का जाम कर दिया। उनका कहना था कि जब तक कलेक्टर एसपी मौके पर पहुंचकर जल्द से जल्द हिमांशु को खोजने का आश्वासन नहीं देते हैं तब तक चक्का जाम नहीं हटेगा और छात्रवास प्रबंधक और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस को इसकी जानकारी लगी तो मौके पर पुलिस अमला भी पहुंचकर उनको समझाया गया। पर परिजन व ग्रामीण नहीं समझाने लगे लेकिन उनकी बात कोई भी सुनने को तैयार नहीं था। जिसके बाद चिरमिरी एसडीएम मौके पर पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों से बात कर समझाया और आश्वासन दिया की बच्चे को जल्द से जल्द खोज लेंगे। एसडीएम के आश्वासन के बाद परिजन व ग्रामीणों ने चक्का जाम को समाप्त किया और खड़गवां थाने में आकर पुलिस एसडीएम के साथ मिलकर हिमांशु के साथ पढ़ने वाले छात्राओं से जानकारी ली जिसके बाद पुलिस ने टीम बनाकर हिमांशु की तलाश में निकल गए।
छात्रावास अधीक्षक का कहना है कि 1 अक्टूबर के शाम 6:30 बजे बच्चों का प्रार्थना करा रहे थे तब बच्चों से पूछा कि सब बच्चे है किसी को कुछ हुआ तो नहीं। तब पता चला कि हिमांशु नाम का छात्र छात्रावास से लापता है। हॉस्टल अधीक्षक ने पता किया तो उसे पता चला कि सुबह 6 बजे छात्रावास के पीछे झाड़ियों से हिमांशु भाग रहा था। जब भागते हुए छात्रों ने देखा तो उसे पकड़ कर लाए और चौकीदार को बताया कि भाग रहा था तो चौकीदार के द्वारा उसे समझाया गया। फिर उसके बाद की जानकारी का पता नहीं चला। हिमांशु के घर शाम को फोन कर पता किया गया कि हिमांशु घर गया कि नहीं, घर वालों के द्वारा बताया कि वह घर पर नहीं आया। जिसके बाद पुलिस थाने में 1 अक्टूबर को छात्र के गुम होने की शिकायत दर्ज कराया गया । इसके बाद पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज कर गुम छात्र की तलाश शुरू कर दी।
आज जब ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम किया गया था जिसके बाद पुलिस ने टीम बनाकर बच्चे की तलाश की तेजी से करने लगे।

