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पत्नी और पीए के मोह में फंसे केदार कश्यप ने नियम कायदे को दरकिनार कर किया फर्नीचर खरीदी घोटाला, केदार के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग

** केदार कश्यप के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने और फर्नीचर खरीदी घोटाला की एफआईआर दर्ज कराने की मांग

रायपुर / 50 करोड़ के फर्नीचर खरीदी के मामले में फंसे केदार कश्यप पर बड़ा आरोप लगा कर कार्यवाही की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा में अगर नैतिकता बची है तो मंत्री केदार कश्यप के चुनाव लड़ने पर रोक लगाए और फर्नीचर सप्लाई घोटाला की एफआईआर दर्ज कराये।

उन्होंने कहा कि केदार कश्यप शिक्षा विभाग के मंत्री रहते हुए राज्य के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर गुणवत्तापूर्ण बनाने के बजाय अपने सगा संबंधी और चहते को फायदा पहुंचाने में लगे है। रिश्तेदार को परीक्षा दिलाकर पत्नी को डिग्री दिलाना हो, पीए को नकल कराकर परीक्षा पास करना हो, शिक्षा विभाग में फर्नीचर खरीदी में अपने चहेते को कैसे फायदा पहुँचना हो? मंत्री केदार कश्यप पर पीए आरएन सिंह के करीबी फर्नीचर सप्लायर को फायदा पहुंचाने के लिए शासन स्तर पर निर्धारित नियम कायदों को ताक पर रखकर फर्नीचर खरीदी का ठेका दिलाने का आरोप है। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के लिए किस प्रकार के शासकीय नियमों को ताक में रखा जाता है, यह मंत्री केदार कश्यप के फर्नीचर सप्लाई मामले से स्पष्ट हो गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि भाजपा की सत्ता और संगठन का उद्देश्य जनसेवा नही बल्कि कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करना है। केदार कश्यप ने फर्नीचर  सप्लाई प्रक्रिया को केंद्रिकृत कर लगभग 45,000 से अधिक बढ़ाई और मजदूरों को बेरोजगार और सीएसआईडीसी के अंतर्गत पंजीकृत 180 लघु एवं सूक्ष्म इकाई में भी ताला बन्दी कर दिया।

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