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मैरीकॉम ने बनाया इतिहास, छठी बार बनीं वर्ल्ड चैंपियन, 6 स्वर्ण जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर

नई दिल्ली। एमसी मैरीकॉम ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में छठी बार स्वर्ण पदक जीत लिया है। ऐसा करने वाली वे पहली महिला बॉक्सर बन गई हैं। । इससे पहले मैरीकॉम और आयरलैंड की केटी टेलर के खाते में पांच-पांच गोल्ड थे।

ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता भारत की दिग्गज मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने शनिवार को अपना छठा विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीत लिया। ‘मेग्नीफिसेंट मैरी’ नाम से मशहूर 35 साल की मैरी कॉम ने इंदिरा गांधी स्टेडियम के के.डी. जाधव हॉल में जारी 10वीं आईबा महिला विश्व चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

गोल्ड जीतने के बाद मैरीकॉम ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत मुश्किल रहा। आपके प्यार से यह संभव हो सका। वेट कैटेगरी से मैं संतुष्ट नहीं थी। 51 कैटेगरी ओलिंपिक में मेरे लिए मुश्किल होगा, लेकिन मैं खुश हूं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी खिलाड़ी हना मुझसे लंबी थी, इसलिए उनके खिलाफ मुकाबला आसान नहीं था, क्योंकि वह मुझसे लंबी थी। बता दें कि चैम्पियनशिप में उतरने से पहले मैरीकॉम ने कहा था कि वे सौ प्रतिशत फिट हैं और 2020 टोक्यो ओलिंपिक में भी खेलेंगी। टूर्नामेंट से पहले सभी खिलाड़ियों का फिटनेस चेक करने के लिए 100 मीटर की रेस हुई थी। वे रेस में दूसरे नंबर पर रही थीं।

दोनों के बीच हुई कांटे की टक्कर – पहले राउंड में दोनों खिलाड़ी सावधानी से एक दूसरे खेल को परख रहीं थीं और इसलिए ज्यादा आक्रमण नहीं कर रहीं थीं. दोनों ने अपने राइट पंच का अच्छा इस्तेमाल किया. मैरी ने कुछ पंच मारे, जिनमें से कुछ अच्छे सही निशाने पर लगे. इस बीच, हालांकि हना ने भी अपने राइट जैब का अच्छा उपयोग किया लेकिन मैरी कॉम अपनी फुर्ती से उनके अधिकतर पंचों को नाकाम करने में सफल रहीं.
दूसरे राउंड में दिखाई आक्रामकता – दूसरे राउंड में दोनों ने आक्रामकता दिखाई और राइट जैब के साथ फिस्ट के संयोजन से हावी होने की कोशिश की. रणनीति दोनों खिलाड़ियों को एक जैसी थी. शुरुआत में हना ने अच्छे पंच मारे जो सटीक रहे. हालांकि दूसरे राउंड के अंत में मैरी कॉम ने दूरी बनाते हुए अपने लिए मौके बनाए और फिर समय पर पंच मार अंक बटोरे.
तीसरे राउंड में मैरी कॉम ने बाजी मारी – तीसरे राउंड की शुरुआती एक मिनट में मैरी ने राइट और लेफ्ट जैब के संयोजन से तीन-चार अच्छे पंच स्कोरिंग एरिया में मार जजों को प्रभावित किया लेकिन यहां से हना बेहद आक्रामक हो गईं और मैरी को उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल हो गया. अनुभवी मैरी ने धैर्य बनाए रखा और जब हना लापरवाह दिखीं तब पंच मार अंक बटोरे.
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