रायपुर / आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ के कार्यालय से दिनांक 26 दिसंबर को एक पत्र जारी हुआ, जिसमें शराब की सभी विनिर्माता कंपनियों और बॉटलिंग इकाइयों से 10 जनवरी 2019 तक सभी नवीन ब्रांड और लेबलों का पंजीयन करवाने कहा गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि वर्ष 2019 – 2020 के लिए शीघ्र ही ठेका व्यवस्थापन कार्य प्रारंभ होगा। इस पत्र में छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक से कहा गया है कि वे सभी विदेशी मदिरा विनिर्माता कंपनियों को इस पत्र के दिशा निर्देशों के बारे में अवगत करवा कर उनकी अभिस्वीकृति की प्राप्ति आबकारी आयुक्त के कार्यालय को भेजें।
आबकारी विभाग द्वारा जारी इस पत्र पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी ने कहा कि किसान कर्जमाफी में की गयी वादाखिलाफी के बाद 11 दिनों में भूपेश बघेल सरकार की प्रदेश की जनता के साथ यह दूसरी वादाखिलाफी है।
अपने चुनावी घोषणापत्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी का वायदा किया था। लेकिन इस वायदे की आबकारी विभाग ने पोल खोल कर रख दी है। साफ़ है कि यदि आबकारी विभाग आगामी वित्तीय वर्ष से शराब के ठेके व्यवस्थापन की बात कर रहा है और शराब के नए ब्रांडों के पंजीयन की बात कर रहा है तो इसका मतलब यह है कि सरकार का प्रदेश में शराबबंदी लागू करने का कोई इरादा नहीं है। उनका चुनाव पूर्व वायदा केवल एक जुमला था।
अमित जोगी ने सवाल किया कि अब मुख्यमंत्री किस मुँह से प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों के पास जाएंगे? प्रदेश में बढ़ते महिला अत्याचार का एक बड़ा कारण प्रदेश में भारी मात्रा में शराब का सेवन है। हमारी माताएं, बहन – बेटियां सरकार से यह आस लगा कर बैठी थीं कि सरकार जल्द ही शराबबंदी लागू करेगी जिससे उनपर हो रहे अत्याचार में कमी आये। लेकिन सरकार ने झूठा वायदा कर छत्तीसगढ़ की महिलाओं का अपमान किया है। अमित जोगी ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही अपने वायदे अनुसार प्रदेश में शराबबंदी लागू नहीं की तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) उग्र आंदोलन करने को विवश होगी।
