जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार का प्रमुख माध्यम बनेंगे गौठान – तूलिका प्रजापति

00 जिले में 10 माडल गौठान पूरे, पांच जनपद पंचायतों में 45 गौठान पूर्णता की ओर
कोरिया / नरवा गरूवा,घुरूवा बारी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जिले में 45 गौठान बनाने का कार्य कराया जा रहा है, इनमें से 10 मानक गौठान का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। सुराजी ग्राम योजना के तहत जिले के पांचो जनपद पंचायतों के 45 गांवो का राज्य शासन से जारी मानक अनुसार चयन कर वहां गौठान बनाने का कार्य कराया जा रहा है। इन गौठानों के तहत 13 हजार 449 पशुओं के दिन में रखने व खाने का इंतजाम किया जा रहा है।

उक्ताशय की जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया की मुख्यकार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति ने बताया कि आगामी बारिश के पूर्व सभी 45 गौठान का प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीइओ तूलिका प्रजापति ने बताया कि कलेक्टर कोरिया एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा श्री विलास संदीपान भेस्कर के निर्देशानुसार विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से फेज वन का कार्य दस मानक गौठान में पूरा कर लिया गया है।
तूलिका प्रजापति ने बताया कि कोरिया जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए बन कर तैयार हो रहे एनजीजीबी के गौठान  की मुख्य भूमिका होगी। जब स्थानीय स्तर पर ही खेती के लिए खाद और जानवरों के लिए बेहतर सुरक्षा संसाधन तैयार हो जाएंगे तब कई महिला स्व सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर रोजगार व आय का साधन प्राप्त हो जाएगा। यही सोच जमीनी रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एनजीजीबी को सुराजी ग्राम योजना के नाम से प्रारंभ किया है। आदर्श गौठान बनने के बाद से जिले के ग्रामीण पशुधन और ग्रामीण महिलाओं के साथ कृषि से जुड़ी आमदनी में इजाफा होगा। यह आगामी समय में पलायन रोकने में भी कारगर होगा। विशेष रूप से उल्ल्ेखनीय हे कि इन सभी 45 गौठानों में विकास समिति का गठन किया गया है। इस समिति में गांव के प्रत्येक पशुपालक परिवार के एक सदस्य को रखा गया है। इस चयनित समिति के माध्यम से ही गांव के गौठान में देखरेख के लिए चरवाहे भी रखे जा रहे हैं। इसके साथ ही गांव की ह औसतन तीन से दस एकड़ की चारागाह भूमि भी आरक्षित की गई है।
जिले में बनाए जा रहे 45 गौठान में अब तक 10 मानक गौठान पूरे कर लिए गए हैं और इनका सीधा लाभ स्थानीय पशुपालकों को मिलने लगा है। यहां पशुओं की सुरक्षा के लिए चारों ओर सीपीटी की खुदाई की गई है। पोल फेंसिग के साथ ही यहां सोलर उर्जा से संचालित पेयजल स्रोत तैयार कर लिए गए हैं। पशुओं के सुरक्षित आवास के लिए कोटना और पानी के टेंक भी बनकर तैयार हैं। तूलिका प्रजापति ने बताया कि महिलाअें के स्वसहायता समूहों के द्वारा जनसहयोग से इन गौठानों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही बर्मी बेड लगाकर पशुओं के अपशिष्ट को खाद में बदलने की प्रक्रिया जारी है।
जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि सभी गौठान में महिलाओं के कुल 45 स्वसहायता समूह तैयार कर लगभग 200 महिलाओं को सक्रियता प्रदान की गई हैं। गौठान विकास समिति के साथ मिलकर महिलाओं ने अपशिष्ट से खाद बनाने का कार्य भी शुरू कर लिया है। यह उनके आर्थिक संबल का आधार बनेगा। आने वाले समय में गौठान समिती के पास पर्याप्त मात्रा में वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता हो इसलिए चारागाह की आरक्षित भूमि पर आने वाले बारिश से पर्याप्त हरा चारा उगाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। जिले में जिन 10 मानक गौठानों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है उनमें बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत सोरगा और नरकेली ग्राम पंचायतों में प्रथम चरण के तहत निर्माण कार्य पूर्ण कर पशुओं को दिनभर रखना प्रारंभ कर लिया गया है। इसी तरह खड़गंवा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत चिरमी और ग़िद्धमुड़ी में, भरतपुर के ग्राम पंचायत बरौंता और देवगढ़ में मानक गौठान पूरा कर प्रारंभ कर लिया गया है। जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत रोझी और गरूडोल में तथा सोनहत के ग्राम पंचायत घुघरा तथा पुसला में मानक गौठान का लाभ स्थानीय पशुओं और उनके मालिकों को मिलने लगा है। तूलिका प्रजापति ने आगे बताया कि सभी 45 स्वीकृत गौठानों में कार्य तेजी से पूरे कराए जा रहे हैं। जल्द ही सभी में पशुओं के लिए सभी आवश्यक संसाधन, व्यवस्थांए सुनिश्चित की जाएंगी।

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