श्री सिंहदेव ने कहा कि इस योजना के लागू होने तक प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना ,मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत स्मार्ट कार्ड से चुनिंदा अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से विभिन्न प्रकार के इलाज के लिए पैकेज निर्धारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये अलग अलग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों से यहां राय मशवरा की जायेगी। उन्होंने कहा कि  स्मार्ट कार्ड के जरिये अस्पतालों में इलाज की सुविधा हेतु बीमा कंपनी से सितंबर 2019 तक ओएमयू किया गया है जिसमे करीब एक हजार 357 प्रकार के बीमारियों का इलाज हो सकेगा।उन्होंने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन किसी एक बीमारी के इलाज के लिए जो पैकेजे  दे रही है उसे उसी  बीमारी के उपचार के लिए उपयोग करंे।

विसंगतिया दूर करंे- स्वास्थ्य मंत्री  ने कहा कि स्मार्ट कार्ड से किस बीमारी का इलाज कौन से अस्पताल में कराना है इसकी जानकारी मरीजांे को नही होने के कारण इलाज के लिए भटकना पड़ता है।इस विसंगति को दूर करने के लिए स्मार्ट कार्ड से इलाज के लिये चिन्हांकित अस्पतालों में स्मार्ट कार्ड से उपचार की जानकारी सूचना पटल में प्रदर्शित करायें। अस्पताल प्रबंधन भी मरीज तथा उसके परिजनों को इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दें और भर्ती होने पर तत्काल इलाज शुरू करें। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड से जिन बीमारियों का इलाज जिले के निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा हैं, उनका नाम को प्रदर्शित करती हुई बोर्ड जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में लगवायें ताकि जरूरत के अनुसार मरीज संबंधित अस्पताल में इलाज आसानी से करा सकें।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंण्डियन मेडिकल एसोसिऐशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सीएमएचओ, बीएमओ सहित निजी अस्पतालों के चिकित्सक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मेडिकल कंसलटेन्ट डॉ. अमीन फिरदौसी ने किया।