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बैकुंठपुर क्षेत्र में एटक यूनियन वेरिफिकेशन में सबसे आगे, श्रमिकों का एटक के प्रति बढ़ रहा है विश्वास, 6 वर्षों से लगातार प्रथम – हरीद्वार सिंह

कोरिया / एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के कोयला खदानों में कार्यरत हजारों श्रमिकों ने कोयला खदानों में कार्यरत श्रमिक संगठनों की सदस्यता से संबंधित यूनियन वेरीफिकेशन के दौरान संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक यूनियन के प्रति अपना विश्वास और आस्था प्रकट करते हुए बैकुंठपुर क्षेत्र के नंबर वन यूनियन के पद पर एटक यूनियन को चुना है।

विगत 6 वर्षों से निरंतर एटक यूनियन बैकुंठपुर क्षेत्र में प्रथम पद पर काबिज है वही दूसरे नंबर पर विगत कई सालों से हिंद मजदूर सभा मोर्चा संभाले हुए हैं। किंतु क्षेत्र में नंबर वन बनने से हर वर्ष चूक जा रही है विगत दिवस बैकुंठपुर क्षेत्र की खदानों में हुए यूनियन वेरीफिकेशन में 1691 मत पाकर एटक प्रथम स्थान पर पहुंचा, वही 1686 मत पाकर एचएमएस यूनियन दूसरे स्थान पर रही।
एटक यूनियन चरचा आर ओ पांडवपारा झिलमिली महाप्रबंधक कार्यालय क्षेत्रीय चिकित्सालय में प्रथम स्थान पर रही वही हिंद मजदूर सभा मात्र कटकोना कालरी में ही बढ़त बना सकी।

एटक यूनियन की इस निरंतर सफलता के प्रति एम. एच. खान, इंद्रजीत पाल, रियाज अहमद, कांग्रेश पोलाई, तपेश्वर प्रसाद, सुखराम, शकील अहमद, सुरेश सिंह, हाफिज अंसारी, जागृत कुर्रे, रामचंद्र यादव, श्यामलाल कोरी, एस एन विश्वकर्मा, अरविंद कुमार, सुनील विश्वकर्मा, रविंद्र कुमार, रमन सिंह, राजदेव, जनार्दन सिंह, मिथिलेश राय आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।


एटक यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश यादव ने शीर्ष नेतृत्व व श्रमिक साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की एटक यूनियन की यह जीत सभी श्रमिक साथियों की जीत है श्रमिक साथियों ने एटक यूनियन के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया है। इस विश्वास को हम हमेशा कायम रखेंगे श्रमिक हितों की रक्षा व श्रमिक सुविधाओं की बढ़ोतरी हेतु हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।


बीएमएस यूनियन तीसरे स्थान पर……….. बैकुंठपुर क्षेत्र के यूनियन वेरीफिकेशन मे देश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से संबंधित बीएमएस यूनियन मात्र 997 मत ही हासिल कर सकी और तीसरे स्थान के लिए अपनी जगह बनाई 5 वर्ष पूर्व यही यूनियन सदस्य संख्या के शीर्ष पर रहा करती थी किंतु उसके बाद से प्रतिवर्ष इस यूनियन की सदस्य संख्या कम होती जा रही है। सक्षम नेतृत्व के अभाव व केंद्र सरकार द्वारा कोयला खदानों के निजीकरण किया जाना मुख्य कारण है।


इंटक यूनियन चौथे स्थान पर….. देश की प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी से संबंधित इंटक यूनियन बैकुंठपुर क्षेत्र के श्रमिकों का विश्वास हासिल करने में बहुत ही पीछे नजर आई। यूनियन वेरीफिकेशन में बैकुंठपुर क्षेत्र के हजारों श्रमिकों में से मात्र 227 श्रमिकों ने इंटक यूनियन की सदस्यता ली। बैकुंठपुर क्षेत्र में प्रदेश में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हर जगह मौजूद हैं और कांग्रेस के प्रचार प्रसार में लगे रहते हैं उसके बावजूद यह स्थिति बेहद सोचनीय है।



एटक यूनियन के जुझारू एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं की मेहनत व निरंतर संघर्ष का परिणाम यह सफलता है क्षेत्र के मजदूर साथियों ने अपना आशीर्वाद दिया। हमारे यूनियन के साथी श्रमिक साथियों की अपेक्षाओं को पूरा करते हुए भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
हरिद्वार सिंह, केंद्रीय महासचिव एटक यूनियन

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