राजनांदगांव / पूरे देश में राजनांदगांव जिला को नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नाम से जानते है और यह भी जानते है कि नक्सलियों के शहरी नेटवर्क तेज है परंतु कुछ सालों से पुलिस फोर्स लगातार नक्सलियों के मंसूबों को नकाम करते आ रहे है और जंगल के अंदर घुस कर नक्सलियों का एंकाऊंटर कर रहे हैं। जिसके चलते नक्सली जंगल में भागते फिर रहे है और राजनांदगांव में तो अब नक्सलियों के मूवमेंट कम नजर आ रहे है।
मगर 8 अगस्त को जिले के डोंगरगांव जनपद पंचायत क्षेत्र और लालबाग थाना क्षेत्र के ग्राम बुध्दुभरदा के पैरी नदी और गांव के शमशानघाट पर 15 अगस्त पर तिरंगा नहीं फहराने का नक्सली फरमान से ग्रामीण सहित जनप्रतिनिधि भी दहशत में आ गये थे और गांव में लोग भयभीत डरे सहमे से रहने लगे थे और स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा नही फहराने की बात कह रहे थे। पर लालबाग थाना के टीआई आशीर्वाद राहटगांवकर ने अपने टीम के साथ 15 अगस्त को तैनात थे लेकिन गांव मे तिरंगा फहराया और वही लालबाग पुलिस लगातार उस नक्सलियो के धमकी भरे बैनर की जाँच कर रही थी और आखिरकार कड़ी मेहनत के बाद गांव में नक्सली बैनर लगाने वाले नकली नक्सली निर्मला सोनकर, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के जिला अध्यक्ष इमानवेल सिंह और महेन्द्र देवागंन को गिरफ्तार करने में सफल हुई जिसके बाद पुलिस ने सबके सामने नकली नक्सली का खुलासा कर ग्रामीणो के मन मे जो डर, भय और दहशत थी उसे समाप्त करने में पुलिस ने सफलता हासिल किया।
वही इस तरह के घटना से दहशत से मुक्ति दिलाने पर आज ग्राम बुध्दुभरदा के ग्रामीणों ने आज रामधूनी के कार्यक्रम में लालबाग थाना के टीआई आशीर्वाद राहटगांवकर थे।
