राज्य बजट 2020 में मद आबंटन के लिए शिक्षक फेडरेशन ने दिया सुझाव

कोरिया / छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ राज्य के बजट 2020 में मद आबंटन के लिए सुझाव दिया है। फेडरेशन ने जनमानस एवं शासकीय सेवकों के लिये राज्य के बजट में प्रावधान करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।

फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं उप प्रांताध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य के शासकीय विद्यालयों के आधारिक संरचना विकास (infra structure development) सहित राज्य में अंग्रेजी माध्यम शासकीय विद्यालयों की स्थापना एवं पढ़ाने के लिए इंजीनियरों की संकायवार भर्ती का प्रस्ताव दिया है। इससे शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्तायुक्त शिक्षण, स्कूलों में आकर्षण एवं छत्तीसगढ़ के बेरोजगार इंजिनीरिंग योग्यताधारियों को अवसर मिलेगा।

शासकीय सेवकों के लिए छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के मूलवेतन आधार पर गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृति,सातवे वेतनमान का लंबित एरियर्स,चार स्तरीय समयमान/पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति,शिक्षक संवर्ग को केंद्र के समान वेतनमान, सहायक शिक्षक को समयमान वेतन, अर्ध्वर्षिकी आयु 33 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष करने,शिक्षा कर्मियों का संविलियन के लिए राज्य के बजट में यथासंभव प्रावधान करने का सुझाव दिया है।
फेडरेशन ने शासकीय विद्यालयों में कक्षा 12 वीं तक निःशुल्क शिक्षा करने का प्रस्ताव दिया है।उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं से कक्षा 12 वीं तक लगभग 12 लाख बच्चे शासकीय स्कूलो में पढ़ते हैं। निःशुल्क शिक्षा की घोषणा करते हुए 500 रू प्रति छात्र विद्यालय को अनुदान देकर बोर्ड परीक्षा मुफ़्त कर सकते हैं। इससे कुल बजट लगभग 60 करोड़ प्रतिवर्ष व्यय आएगा। परीक्षा संचालन हेतु 6 लाख बच्चों हेतु 400 रू प्रतिछात्र की दर से लगभग 24 करोड़ रू होगा।

उन्होंने बताया कि अधिकतर विद्यालय प्रभारियों के भरोसे है। सरकार पर्याप्त पदोन्नति नहीं दे रही है तो कम से कम इस हेतु निम्न से उच्च पद पर कार्य कर रहे शिक्षक/व्याख्याताओं को अधिभार भत्ता देवें। लगभग 2600 हाईस्कूल हायर सेकेण्डरी स्कूल प्रदेश में प्रभारियों के भरोसे हैं। लगभग 80% प्राथमिक विद्यालय तथा 50% पूर्व माध्यमिक विद्यालय भी प्रभारियों के भरोसे हैं।उन्होंने ट्राइबल क्षेत्र भत्ता 600 रुपये को बढ़ाने का सुझाव दिया है।

error: Content is protected !!