कोरिया / कोरिया जिले के सोनहत वन परिक्षेत्र रजौली बीट अंतर्गत फकीर ढाबा के पास सोनहत बिहारपुर मार्ग के दोनों तरफ झोपड़ीनुमा 40 मकानों को आज वन विभाग कोरिया द्वारा तोड़ते हुए अतिक्रमण से आजाद करा दिया गया है।
आपको बता दे कि कुछ वर्षों से सोनहत बिहारपुर मार्ग के दोनों तरफ अतिक्रमण की बाढ़ सी आ गई थी। लगातार दिन दहाड़े मिट्टी और ईट से भारी पैमाने पर रोज बनती झोपड़िया निश्चिंत ही वनों की आगामी विनाशलीला की ओर इशारा कराती रही। प्रभारी वन परिक्षेत्र हूटर वाले अधिकारी के सुस्त रवैये से हुए अतिक्रमण पर कोरिया वनमण्डल का खूब छीछा लेदर होने के बाद आज कोरिया वनमंडलाधिकारी के दिशानिर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही उप वनमण्डलधिकारी श्रीमती जेनीग्रेस कुजूर के नेतृत्व में की गई।
इस दौरान वन परिक्षेत्र सोनहत, देवगढ़ व खड़गंवा रेंज के मैदानी अधिकारी कर्मचारियों द्वारा सुबह 6 बजे से कार्यवाही करते हुए दोपहर 2 बजे तक 40 नये बने अतिक्रमण हुए मकानों को जेसीबी से ढहाया दिया गया।
यह बात भी सत्य है कि अतिक्रमण की खबरें मीडिया में चलने के बाद ही वन विभाग के उच्च अधिकारी हरकत में आये और अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 40 अवैध बने मकानों को ढहाया गया व अन्य शेष बचे लगभग 3 मकानों को कल गिराया जाएगा।
गरीबों का टूटा आशियाना – पर फर्क किसे पड़े – इस पूरे कार्यवाही के दौरान वे 40 परिवार आज वाकई परेशान है जिनका अतिक्रमण के नाम पर मकानों में जेसीबी चलाई गई हैं। आखिर इन अवैध मकानों को बनाने के पूर्व ही वन अमले द्वारा रोक लिया गया होता तो शायद आज उन गरीबों का नुकसान नही हुआ होता।
उक्त कार्यवाही पर पूछने पर सोनहत वन परिक्षेत्र अधिकारी एस एन मिश्रा ने कहा – आज 40 मकानों पर कार्यवाही की गई है 3-4 अवैध अतिक्रमण किए मकानों पर कल भी कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने विभाग के उच्चाधकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे अधिकारियों ने मेरा सहयोग नहीं किया था वरना मै काफी पहले ही अतिक्रमण पर कार्यवाही कर दिया होता।
उप वनमण्डलधिकारी श्रीमती जेनीग्रेस कुजूर ने कहा की उनके पास पर्याप्त महिला कर्मचारी नही थे। हालांकि उन्होंने कभी भी लिखित शिकायत या मांग हमसे नही की मौखिक किए होंगे तो मुझे याद नही। आज 40 अवैध मकानों को नष्ट किया गया है और 3 अन्य को अल्टीमेटम दिया गया है, जिस पर जल्द कार्यवाही की जाएगी।
इस कार्यवाही के दौरान उप वनमंडलाधिकारी श्रीमती जेनिग्रेस कुजूर, प्रिशिक्षु उप वनमंडलाधिकारी लक्ष्मी नारायण, प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवानन्द मिश्रा एवं सोनहत देवगढ़ व खड़गवां रेंज के मैदानी अधिकारी कर्मचारी शामिल थे।




