Advertisement Carousel

सगंध अगरबत्ती बनी कृषकों की अतिरिक्त आय का स्रोत : लेमन ग्रास एवं सिट्रोनेला सगंध तेल से बनाई जा रही अगरबत्ती

कोरिया / कृषि विज्ञान केंद्र, कोरिया के तकनीकी मार्गदर्शन में कृषकों के द्वारा सगंध तेल से अगरबत्ती का निर्माण किया जा रहा है। के वी के प्रक्षेत्र में जिला प्रशासन की वित्तीय सहयोग से केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान, लखनऊ के माध्यम से स्थापित भाप आसवन संयंत्र से सगंध फसलों जैसे नीबूं घास एवं सिट्रोनेला आदि फसलों की पत्तियों से आसवन विधी द्वारा तेल निकला जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र, कोरिया के मार्गदर्शन में इन सगंध तेलों से अगरबती बनाने का तकनिकी प्रशिक्षण कृषकों को दिया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र, कोरिया में स्थापित आटोमेटिक अगरबती निर्माण मशीन से सगंध अगरबत्ती का निर्माण किया जा रहा है।


एक दिन में 5 से 7 किलोग्राम बेस से लगभग पांच से सात हजार अगरबती का निर्माण किया जा रहा है। प्राकृतिक सगंध के लिए लेमन ग्रास एवं सिट्रोनेला सगंध तेल का उपयोग किया जा रहा है। प्रायोगिक तौर पर प्रारंभिक चरण में अभी तक बीस हजार अगरबत्ती का निर्माण के साथ-साथ पैकिंग का कार्य भी किया गया है।


अगरबती के एक पैकेट में 20 अगरबती की कीमत 40 रूपये प्रति अगरबत्ती पैकेट निर्धारित की गई है, जिसे कृषि विज्ञान केंद्र, कोरिया के तकनीकी मार्गदर्शन में किसान उत्पादक संगठन के द्वारा विभिन्न सस्थाओ जैसे- ट्राईफेड, खादी ग्रामोद्योग एवं हस्त शिल्प विकास बोर्ड से अनुबंध कर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में बेचा जा रहा है, अभी तक 1250 पैकेट बेचे जा चुके है। लगभग पचास हजार रूपये कीमत की अगरबत्ती बेची जा चुकी है। इन अगरबत्ती का उपयोग पूजा करने के साथ-साथ घर का वातावरण सुगन्धित करने के साथ मक्खी, मच्छर एवं अन्य कीड़े भगाने के लिए भी किया जा सकता है और मनुष्य के स्वाथ्य पर भी कोई हानिकारक प्रभाव नही पड़ता है।


प्रति अगरबत्ती पैकेट से 5 रूपए की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है, भविष्य में प्राप्त मांग को देखते हुए कृषकों द्वारा प्रति माह 7,500 से 10,000 अगरबत्ती पैकेट का लक्ष्य रखा गया है इस तरह प्रति माह कृषकों को 37,500 से 50,000 रूपए की शुद्ध आमदनी सामग्री व अन्य खर्चे काट कर प्राप्त की जावेगी।


भविष्य में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सगंध तेल लेमन ग्रास एवं सिट्रोनेला से मच्छर भगाने के लिए रेफिलिंग पैक साथ ही साथ लेमन ग्रास एवं पामारोसा से सगंध स्प्रे भी के वी के कोरिया तथा इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सगंध व मसाला फसलों के   उत्कृष्टता केंद्र के तकनिकी मार्गदर्शन में किसान उत्पादक संगठन ने तैयार करने की मंशा जाहिर की है। ताकि खेती के अतिरिक्त कम समय में अच्छी कमाई की जा सके।

error: Content is protected !!