Monday, August 8, 2022
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9 साल बाद रामनवमी पर बन रहा है वृद्धिकारक योग, कन्या पूजन के लिए जरूरी हैं ये चीजें, लिस्ट में शामिल

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रामनवमी का दिन मां दुर्गा की अराधना के महापर्व चैत्र नवरात्र का आखिरी दिन होगा। इस दिन 9 साल बाद पांच ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। यह वृद्धिकारक संयोग होगा। ग्रहों की यह युति योति इस दिन को मंगलकारी बनाएगी। इससे पहले ऐसा संयोग साल 2013 में बना था। इस दिन पूजा और खरीदारी करने से घर समृद्ध बनता है। ज्योतिषियों के अनुसार कई प्रकार की पूजाएं मौन व्रत रखकर भी की जाती है। इस वजह से पूजा के दौरान मास्क लगा सकते हैं।

12 बजे आरती करना ज्यादा लाभकारी – भगवान श्रीराम का जन्म कर्क, लग्न और अभिजीत मुहूर्त में मध्यान्ह 12 बजे हुआ था। भगवान श्रीराम की राशि और लग्न कर्क है। लग्न में स्वग्रही चंद्रमा का होना सुख शांति प्रदान करेगा। इसके साथ अश्लेषा नक्षत्र भी दिन की सुभता को बढ़ाएगा। भगवान श्रीराम का जन्म मध्यान्ह 12 बजे हुआ था, इसलिए इनकी आरती भी 12 बजे करना उचित रहेगा।

महाशक्ति मां दुर्गा के पूजन का पर्व नवरात्रि 22 अप्रैल को खत्म होगा। इससे पहले अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन कराया जाता है। इन तिथियों पर कन्या पूजन करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस साल 20 अप्रैल, 2021 को अष्टमी और 21 अप्रैल, 2021 को नवमी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

नवमी तिथि पर राम नवमी का पर्व भी मनाया जाता है। इसी दिन अयोध्या में भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। हालांकि, कोरोना महामारी की वजह से इस साल भी भगवान श्रीराम की शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी। पिछले साल भी इस समय देश में लॉकडाउन लगा हुआ था और भगवान राम की शोभा यात्रा नहीं निकाली गई थी।

कन्या पूजन के लिए जरूरी हैं ये चीजें…………

जल- कन्याओं के पैर धोने के लिए साफ जल या गंगाजल रखना जरूरी है।

साफ कपड़ा- कन्याओं के पैर धोने के बाद उन्हें पोछने के लिए एक साफ कपड़ा भी रख लें।

रोली- कन्याओं के माथे पर तिलक लगाने के लिए रोली जरूरी है।।

चावल (अक्षत)- तिलक के साथ कन्याओं के माथे में अक्षत भी लगाएं। इसके लिए चावल रख लें।

पुष्प- कन्या पूजा के दौरान कन्याओं पर पुष्प भी चढ़ाएं।

चुन्नी- पूजा में कन्याओं को चुन्नी भी उढ़ाई जाती है।

कलावा- तिलक लगाने के बाद कन्याओं के हाथ में कलावा भी बांधते हैं। इसके लिए कलावा रख लें।

भोजन- हलुवा, पूड़ी, चने, आदि कन्याओं का भोजन।

फल- आप अपनी श्रद्धानुसार कन्याओं को फल खिला सकते हैं।

मिठाई- फल के साथ कन्याओं के लिए मिठाई भी ले लें।

भोजन के बाद कन्याओं को दक्षिणा देना भी जरूरी होता है। इसके लिए पहले से इंतजाम कर लें। कन्या पूजन के बाद कन्याओं को दक्षिणा देने का विशेष महत्व होता है। कन्याओं को दक्षिणा देने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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