- सर्वोच्च न्यायालय से विधिक सलाह पर एसईसीएल ने मानी अपनी गलती. अध्यक्ष सह प्रबंधक को जीएम पर्सनल ने जारी किया आदेश.
कोरिया/चिरमिरी । बीते ढाई वर्ष से 32 बर्खास्त एसईसीएल चिरमिरी के कर्मचारियों की लड़ाई लड़ रहे मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक डॉ.विनय जायसवाल ने आखिर कर विजय हासिल कर ही ली जो अपनी जीत का श्रेय 32 बर्खास्त कर्मचारियों के साथ उनके पुरे परिवार को दे रहे जो इस भीषण कोविड – 19 महामारी में भी अपने परिवार को सकुशन जीवन यापन करने के लिए जद्दोजहद कर रहे है ।
इस पुरे मामले में विधायक डॉ.विनय जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया की बीते ढाई वर्षो से लगातार अपने लोहा उठाने वाले श्रमिकों की लड़ाई में आज पहला पढ़ाओ को पार कर लिया जो उनके जीवन और उनकी 40 वर्षो की मेहनत जो उन लोग ने अपने परिवार के जीवन को चलाने के लिए जमा की थी । वह उनके हाथो में आने वाली है । जिसका विभागीय पत्र क्रमांक – आरईएफ/एसईसीएल/बिलासपुर/आईआर/2021/34/12 को जारी करते हुए एसईसीएल बिलासपुर के अध्यक्ष सह प्रबंधक सहित डारेक्टर पर्सनल एसईसीएल बिलासपुर,जीएम बिलासपुर,मैनेजर बिलासपुर को जीएम पर्सनल ने सर्वोच्च न्यायालय से विधिक सलाह की जानकरी देते हुए इस 32 कर्मचारियों की बरखस्तगी को गलत बताते हुए एक पच्छी कार्यवाई का हवाला दिया जो इसी अन्य व्यक्ति की निराधार शिकायत पर कार्यवाई को गलत बताया । और अपने आदेश में बर्खास्त कर्मचारियों को उनके सीएम/पीएफ/ग्रेजवटी को तत्काल जारी करने की बात कही है ।
बहरहाल आपको बता दे की एसईसीएल में पहली बार ऐसा हुआ है । मुख्य महाप्रबंधक चिरमिरी के कार्यालय कि तालाबंदी के बाद विधायक डॉ.विनय जायसवाल के द्वारा इस लड़ाई की शुरवात की थी और अपने चिरमिरी के 32 बर्खास्त श्रमिक परिवार जो की सड़क पर आ गये थे, उनका हक दिलाने का जिम्मा लिया था जो आज ढेड़ वर्ष की निरंतर संघर्ष के बाद पहली जीत के साथ समाप्त हुई। अब वह बर्खास्त 32 श्रमिक अपने जीवन भर की कमाई की एक बड़ी राशि पाने को आतुर दिख रहे है । जिनके घरों में इस भीषण महामारी में भी दीवाली पर्व मनाया जा रहा जो अपने विधायक को खुले दिल से बधाई और उनका आभार व्यक्त करते दिख रहे है ।


