कोरिया / कोल इंडिया लिमिटेड की नई नीति के अनुसार एक अधिकारी किसी कोलियरी (खदान) में 5 साल से अधिक समय तक काम नहीं करेगा वही एक एरिया में 10 वर्ष से ज्यादा नहीं रुकेगा एक कंपनी में कार्य करते हुए 15 साल बीत जाने पर उक्त अधिकारी को अनिवार्य रूप से दूसरी कंपनी में तबादला कर दिया जाएगा कंपनी की सोच थी कि तबादला किए जाने से कामकाज सुचारू रूप से चलेगा और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा इस पॉलिसी के लागू होने से कौशल सेट में सुधार आएगा साथ ही बाहरी पार्टियों का अधिकारियों के साथ गठबंधन बनाने पर भी अंकुश लगेगा इसके बावजूद एसईसीएल बैकुंठपुर में इस नियम का उल्लंघन किया जा रहा है कई वरिष्ठ अफसर 5 साल से भी ज्यादा वक्त से जमे हुए हैं इन अफसरों का तबादला दूसरी कंपनी में होना था पर अभी तक स्थानीय स्तर पर ही इधर से उधर तबादला करा जमे हुए हैं प्रत्येक वर्ष कोल इंडिया लिमिटेड स्तर पर एक से दूसरे कंपनी में तबादला किया जाता है जबकि कंपनी स्तर पर भी इधर से उधर स्थानांतरित किए जाते हैं इसके बावजूद कई अफसर ऐसे हैं जो 15 से 20 वर्ष से एक ही स्थान पर जमे हैं शिकायत से बचने के लिए एक कंपनी के अंदर इधर-उधर तबादला करा लेते हैं कोयला क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि भ्रष्टाचार व गड़बड़ी पर अंकुश लगाने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड ने नई पॉलिसी तैयार की थी इसलिए अफसरों की सूची भी बनाई गई पर इसका पालन पूरी तरह नहीं किया जा सका एसईसीएल में ही कई अफसर 15 साल ही नहीं बल्कि 20 साल से जमे हुए हैं यानी नौकरी में आने के बाद एसईसीएल में कार्य करते हुए प्रमोशन ले रहे हैं।
SECL में वर्षो से जमें अधिकारी, कहाँ हैं तबादला नीति, प्रमोशन का भी ले रहे लाभ
