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गढ़चिरौली मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराए 26 नक्सली, 12 घंटे चला ऑपरेशन

महाराष्ट्र पुलिस ने शनिवार (13 नवंबर) को गढ़चिरौली में 26 नक्सलियों को मार गिराया है.  गढ़चिरौली जिले में सुबह 7 बजे से ही ऑपरेशन जारी था. इस ऑपरेशन में 4 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं. उन्हें इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से नागपुर भेजा गया है. गढ़चिरोली के एसपी अंकित गोयल ने यह जानकारी दी है.

महाराष्ट्र पुलिस के C-60 दस्ते ने इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है. 1990 में नक्सली हिंसा से निपटने के लिए सी-60 दस्ते को बनाया गया था. हाल ही में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सी 60 कमाडो को क्रैक कमांडो कह कर उनकी तारीफ भी की थी. इस मुठभेड़ में पुलिस ने नक्सलियों के कई शिविर ध्वस्त कर दिए हैं. गढ़चिरोली जिले के कोरची तालुके के ग्यारहबत्ती, कोटगुल इलाके के जंगल में नक्सलियों द्वारा शिविर लगाए जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी.

इसके बाद पुलिस की सी-60 नाम की टीम ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया. इसके बाद यह टीम तलाशी अभियान के लिए निकल पड़ी. पुलिस टीम जैसे ही ठिकानों के पास पहुंची तो नक्सलियों को इसकी भनक लग गई. नक्सलियों ने पुलिस की ओर गोलीबारी शुरू कर दी. जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी हमला करते हुए गोलीबारी शुरू की. कई घंटों तक चले इस बेहद अहम ऑपरेशन में 26 नक्सली मारे गए.

50 लाख का इनामी मिलिंद तेलतुंबडे मारा गया – गढ़चिरौली में 26 नक्सलियों को मार गिराया है. सूत्रों के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में नक्सली कमांडर दीपक तेलतुंबडे उर्फ मिलिंद भी शामिल है. हालांकि उसकी मौत का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. दीपक काफी पढ़ा-लिखा नक्सली था. 18 मई को छत्तीसगढ़ पुलिस को इंटेलिजेंस अधिकारियों से दीपक तेलतुंबडे मंडला जिले के जंगलों में कुछ ग्रामीणों से मिलने की खबर मिली थी. दीपक का पता लगाने के लिए पुलिस तुरंत एक्शन लेना शुरू किया. लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें यह जानकारी एक दिन लेट मिली थी. नक्सली कमांडर दीपक तेलतुंबडे उर्फ मिलिंद बाबूराव तेलतुंबडे माओवादियों के सबसे सीनियर पदाधिकारियों में से एक था. वह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जोन का विशेष क्षेत्र सचिव था. नक्सली नेता को एक नया क्षेत्र बनाने का काम दिया गया था. उसे नक्सलियों के लिए आसान रास्ता और सीनियर नेताओं के लिए सुरक्षित जगह बनाने का काम दिया गया था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक तेलतुंबडे लगातार एमएमसी क्षेत्रों का दौरा कर रहा था. उसने एमएमसी के विस्तार दलम नाम के कमांडो यूनिट के लिए करीब 200 स्थानीय लोगों की भर्ती भी की थी.

कुछ दिनों पहले यहां से पुलिस ने 2 लाख के इनामी नक्सली मंगारु मांडवी को गिरफ्तार किया था. नक्सली मंगारु पर हत्या और पुलिस पर हमला करने के कई केस दर्ज हैं. कहा जा रहा है कि मरने वालों में कुछ बड़े बेनामी नक्सली हैं. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में भी पिछले एक हफ्ते में दो अलग-अलग मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है. इनमें से 3 महिला माओवादी हैं. इन चारों नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था. मारी गई महिला नक्सली हार्डकोर माओवादी थी. इन महिलाओं ने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था.

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