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पेपर लीक करने वालों को दस साल की जेल, एक करोड़ रुपये जुर्माना, सरकार ने लागू किया नया कानून

नई दिल्‍ली । नीट यूजी और यूजीसी नेट पेपर लीक होने के बाद सरकार पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वहीं विपक्ष भी सरकार को घेर रहा है।

इसी बीच सरकार ने पेपर लीक को लेकर नया कानून लागू कर दिया है। जिसमें एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

दरअसल, केंद्र सरकार ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 यानी केंद्रीय भर्ती और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षाओं के लिए पेपर लीक विरोधी कानून को लागू कर दिया।

कार्मिक मंत्रालय ने शुक्रवार को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इस कानून के तहत अधिकतम दस साल की जेल और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यह कानून 21 जून से लागू हो गया है।

क्या है उद्देश्य

इस कानून का उद्देश्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं और गड़बड़ियों को रोकना है। इसके साथ ही इसमें फर्जी वेबसाइट जैसी अनियमितताओं के खिलाफ भी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

नीट और नेट का पेपर लीक होने के बाद अब एनटीए ने सीएसआईआर-यूजीसी-नेट परीक्षा जून 2024 को स्थगित कर दिया है। यह 25 से 27 जून के बीच आयोजित होने वाली थी। इस परीक्षा की तारीख आगामी कुछ दिनों में घोषित की जाएगी।

रद्द कर दी थी UGC NET नेट परीक्षा

इधर, मंगलवार यानी 18 जून को हुए यूजीसी नेट 2024 परीक्षा को 19 जून को रद्द कर दिया गया था। इस एग्जाम को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ही कराता है। सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी के कारण मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी है।

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