सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में 3 महीनों से लापता राजमिस्त्री का शव मिला है। आरोपियों ने राजमिस्त्री की हत्या के बाद उसके शव को जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकी के नीचे दफना दिया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जानकारी के मुताबिक हत्या की ये वारदात सीतापुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक उलकिया हाई स्कूल बिल्डिंग का निर्माण कार्य ठेकदार अभिषेक पांडेय और उसके साथियों द्वारा कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि तीन महीने पहले जून महीने में निर्माण कार्य स्थल से लोहे के छड़, सीमेंट और अन्य निर्माण सामाग्री की चोरी हो गई थी। चोरी का शक राज मिस्त्री का काम करने वाले दीपेश उर्फ संदीप लकड़ा पर होने पर उसे 07 जून को ठेकेदार अभिषेक पांडेय ने साथियों के साथ मिलकर अगवा कर लिया था। इसके बाद 8 जून को ठेकेदार अभिषेक पांडेय ने सीतापुर थाने में ठेका स्थल से सामानों के चोरी की शिकायत करते हुए इस चोरी में दीपेश और विकास नामक युवकों पर चोरी का आरोप लगाया गया था।
वहीं 7 जून के बाद से वापस घर नही लौटे दीपेश की पत्नी सलीमा लकड़ा ने 16 जून को सीतापुर थाने में अपने पति के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गयी। संदीप के लापता होने के बाद मोबाइल लोकेशन लेकर पुलिस उसकी तलाश करने का प्रयास कर रही थी। इस दौरान उसका मोबाइल गोवा और मुंबई में कुछ समय के लिए ऑन मिला था। पुलिस को अंदेशा था कि चोरी की वारदात के बाद लापता दीपेश कही भाग गया होगा, लिहाजा पुलिस ने इस मामले में पहले उतनी ज्यादा गंभीरता नही दिखाई। लेकिन ये मामला अगस्त माह में एक बार फिर से चर्चा में आया, जब सर्व आदिवासी समाज ने लापता संदीप लकड़ा की हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर थाने का घेराव किया।
पुलिस ने मामले में ठेकेदार अभिषेक पांडये, प्रत्युश पांडेय सहित अन्य सथियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया कर फिर मामले की जांच शुरू की गयी। सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने मामले में नए सिरे से जांच पड़ताल के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। जिसके बाद मोबाइल लोकेशन स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस ने ठेकेदार प्रत्युश पांडेय के सहयोगियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करना शुरू किया। पुलिस की सख्ती के सामने आरोपी टूट गये और उन्होने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि 7 जून को उन्होने संदीप लकड़ा के साथ बुरी तरह से मारपीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गयी। जिसके बाद आरोपियों ने मृतक के लाश को मैनपाट के लुरैना में निर्माणाधीन पानी टंकी के नीचे फांउडेशन में ले जाकर दफना दिया। इस खुलासे के बाद गुरूवार को आरोपियों को लेकर पुलिस टीम लुरैना स्थित घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर जेसीबी से टंकी को गिराकर फाउंडेशन की खुदाई कराई गयी। करीब 15 फुट नीचे से पुलिस ने एक नर कंकाल बरामद कर जब्त किया है। घटनास्थल पर मौजूद परिजनों ने शव की शिनाख्त उसके कपड़ों से की है।
सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने बताया कि आरोपियों ने संदीप को पीट-पीटकर मार डाला गया। इसके बाद इस हत्याकांड से बचने के लिए आरोपियों ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए दृश्यम फिल्म की तर्ज पर प्लान तैयार किया। लाश को लुरैना तिब्बती कैंप के पास बड़कापारा में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी बनाने के लिए खोदे गए नीव के गड्ढे में डालकर उसे दफन कर दिया। इससे आरोपियों को उम्मींद थी कि इस हत्या की वारदात पर से कभी भी पर्दा नही उठ पायेगा। लेकिन पुलिस की तफ्तीश में एक-एक कर मामले की कड़ी जुड़ती गयी और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गयी। बताया जा रहा है कि इस वारदात में शामिल ठेकेदार अभिषेक पांडेय फरार है, जिसकी तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है।
