रायपुर। चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी से प्रभावित लाखों लोगों के लिए राहत की मांग करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए गैर-वित्तीय बैंकिंग कंपनियों के संचालन पर सख्त निगरानी और ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया है।
डॉ. महंत ने कहा कि चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी से प्रदेश में हजारों महिलाएं और परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पत्र में उन्होंने इन महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि बैंकों से लिए गए ऋण की वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि इन प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।

विधानसभा में उठा चुके हैं मुद्दा
डॉ. चरणदास महंत ने इस गंभीर मुद्दे को पहले भी विधानसभा में जोरशोर से उठाया था। उन्होंने कहा कि चिटफंड कंपनियों ने अपने फर्जी वादों और योजनाओं के जरिए आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली है। इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से पीड़ित लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। महंत ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रदेश में भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
महिलाओं को सहायता देने की मांग
अपने पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि धोखाधड़ी से प्रभावित महिलाओं को विशेष रूप से सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिटफंड कंपनियों की लूट ने इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है। महंत ने राज्यपाल से आग्रह किया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और उनकी स्थिति सुधारने के लिए सरकार को निर्देशित किया जाए।
चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी से बड़ा संकट
छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी कोई नई बात नहीं है। बीते वर्षों में कई चिटफंड कंपनियां हजारों करोड़ रुपये लेकर फरार हो गईं। इन कंपनियों ने लोगों को जल्दी पैसा दोगुना करने और भारी मुनाफे का लालच देकर फंसा लिया। इनमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के लोग, छोटे किसान और महिलाएं शामिल हैं।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के इस प्रयास को जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यपाल और सरकार इस पर क्या कदम उठाते हैं।
