रायपुर | 2 जून 2025
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय में बन रहे बायोटेक इनक्यूबेशन सेंटर में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का खुलासा करते हुए अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया। संगठन ने ‘भ्रष्टाचार की बारात’ निकालकर कुलपति और कृषि मंत्री पर निशाना साधा।
प्रदर्शन के दौरान कुलपति का मुखौटा पहने एक युवक को घोड़े पर दूल्हे की तरह बैठाया गया। ‘दहेज’ में नकली नोटों से भरा सूटकेस थमाया गया, और कृषि मंत्री रामविचार नेताम का मुखौटा पहने दूसरे युवक ने कुलपति की ‘भ्रष्टाचार की बहू’ से प्रतीकात्मक शादी करवाई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए कार्यकर्ताओं ने करीब आधा किलोमीटर लंबी बारात निकाली।
घोटाले के आरोप गंभीर
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि बायोटेक इनक्यूबेशन सेंटर का निर्माण कार्य:
- बिना लोक निर्माण विभाग (PWD) की तकनीकी निगरानी के कराया गया,
- नॉन-SOR दरों पर मनमाना भुगतान किया गया,
- निर्माण अब भी अधूरा है, जबकि भुगतान करोड़ों में पहले ही हो चुका है,
- विश्वविद्यालय की खरीदी प्रक्रिया में 30–40% तक का कथित कमीशन लिया गया।
कार्यकर्ताओं की मांगें
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा,
“यह बारात नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता की घंटी है। छात्र अब चुप नहीं बैठेंगे। कुलपति और उनके राजनीतिक संरक्षणदाताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
एनएसयूआई ने तीन मुख्य मांगें रखीं:
- कुलपति को तत्काल पद से हटाया जाए,
- परियोजना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,
- दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी ज़िम्मेदारी राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
