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रायपुर में बनेगा अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर — सीएम विष्णु देव साय की पहल को मिली 20.55 करोड़ की स्वीकृति



23 स्टार्टअप्स को मिलेगा ठौर, जैव प्रौद्योगिकी में छत्तीसगढ़ को मिल सकती है राष्ट्रीय पहचान

रायपुर, 3 जुलाई 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर रायपुर में जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर की स्थापना के लिए भारत सरकार, राज्य शासन और कृषि विश्वविद्यालय के बीच त्रिपक्षीय समझौता हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 20.55 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस बायोटेक पार्क परियोजना को कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी क्रियान्वित करेगी। यह सेंटर जैव संसाधनों के दोहन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और नवाचार को समर्थन देने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • कुल 23 आधुनिक प्रयोगशालाएं, जिनमें बीएस-4 स्तर की जैव सुरक्षा व्यवस्था होगी।
  • 2 सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन और एनालिटिकल टेस्टिंग लैब्स
  • 23 स्टार्टअप्स के लिए कार्यालय सुविधा, जो 3 वर्षों तक सेंटर में संचालित रह सकेंगे।
  • 17 सूक्ष्म एवं लघु, तथा 6 वृहद जैव उद्योगों को मिलेगा संचालन का अवसर।
  • कृषि एवं फार्मा बायोटेक स्टार्टअप्स को विशेष प्राथमिकता।

मुख्यमंत्री साय ने इस पहल को राज्य की विज्ञान, तकनीक और युवा रोजगार नीति का बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा, “यह परियोजना छत्तीसगढ़ को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करेगी। इससे रोजगार, शोध और उद्योगों के बीच समन्वय को नई दिशा मिलेगी।”

यह इंक्युबेशन सेंटर न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति और युवा नवाचारियों के लिए भी नई राह खोलेगा।


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