कोरबा में वायरल फोटो से गरमाई सियासत, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
राज्यपाल के दौरे के बाद पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर और कलेक्टर की फोटो वायरल, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जताई नाराज़गी
रायपुर
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राज्यपाल रमेन डेका के दौरे के बाद एक वायरल तस्वीर ने प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है। वायरल फोटो में राज्यपाल के साथ पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर और कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
फोटो से भड़की सियासत
यह तस्वीर सबसे पहले पूर्व राजस्व मंत्री एवं कोरबा विधायक जय सिंह अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर साझा की थी। उन्होंने इस फोटो के माध्यम से यह सवाल उठाया कि क्या कलेक्टर का राजनीतिक दलों से ऐसा निकट संबंध उचित है? क्या राज्यपाल के सरकारी दौरे को भाजपा का राजनीतिक मंच बनाया जा रहा है?
जय सिंह अग्रवाल ने कहा, “ना मैं कलेक्टर का कर्मचारी हूं और न ही मातहत अधिकारी। मुझे ऐसे निर्देश देने का अधिकार नहीं है। लेकिन जब प्रशासन खुद पक्षपात करे तो सवाल उठाना ज़रूरी हो जाता है।”
ननकीराम कंवर ने कलेक्टर पर उठाए सवाल
फोटो में मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने भी इस मामले में चौंकाने वाली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता जय सिंह अग्रवाल का समर्थन करते हुए कहा कि कलेक्टर का आचरण पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। ननकी राम कंवर (पूर्व गृह मंत्री)
“कलेक्टर का व्यवहार पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने राजनीतिक संतुलन नहीं रखा, जो एक प्रशासकीय अधिकारी से अपेक्षित होता है।”
डॉ. चरणदास महंत की भी तीखी प्रतिक्रिया
प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी इस मामले में कलेक्टर अजीत वसंत को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल की प्रतिक्रिया गलत नहीं है। साथ ही उन्होंने यह मांग की कि कलेक्टर द्वारा इस मुद्दे पर जो नोटिस जारी किया गया है, उसे अविलंब वापस लिया जाना चाहिए। डॉ. चरणदास महंत (नेता प्रतिपक्ष)
“कलेक्टर ने जो नोटिस जारी किया है, वह अतिरेक है। उन्हें तुरंत वापस लेना चाहिए। यह एक राजनीतिक विषय है, जिसमें प्रशासन को संयम बरतना चाहिए।”
क्या है मामला?
राज्यपाल रमेन डेका कुछ दिन पूर्व कोरबा दौरे पर थे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकी राम कंवर उनके साथ देखे गए। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत की उनकी निकटता और मंच पर मौजूदगी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के बाद प्रशासन द्वारा कथित रूप से जय सिंह अग्रवाल को नोटिस भेजा गया, जिससे मामला और गरमा गया।
कांग्रेस का आरोप, भाजपा का समर्थन
जहां कांग्रेस इस मुद्दे को प्रशासनिक तटस्थता से जोड़कर देख रही है, वहीं भाजपा ने इसे ‘अनावश्यक विवाद’ करार दिया है। भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि राज्यपाल का दौरा पूरी तरह शासकीय था और ननकीराम कंवर का वहां होना क्षेत्रीय परंपरा और स्वागत की प्रक्रिया का हिस्सा था।
प्रशासन मौन, सरकार दबाव में
फिलहाल कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक मामला राज्य शासन के संज्ञान में है और जल्द ही इस पूरे प्रकरण पर निर्देश जारी हो सकते हैं।
