लालकिले के पास हुए धमाके में 12 की मौत, 25 से अधिक घायल — कांग्रेस ने पुलवामा की याद दिलाई, बीजेपी बोली- आतंक पर जीरो टॉलरेंस
नई दिल्ली/रायपुर।
देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम धमाके की गूंज से हिल गई। लालकिले के पास सुभाष मार्ग चौराहे पर खड़ी एक कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। भीषण धमाके में 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां जल गईं और पूरा इलाका दहशत में आ गया।
सूत्रों के मुताबिक, घटना सोमवार शाम 6 बजकर 52 मिनट पर हुई। जांच एजेंसियां अभी इसे आतंकी हमला मानकर जांच में जुटी हैं। NIA, दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि धमाके में उच्च गुणवत्ता का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट – एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बाजारों में बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली धमाके के बाद छत्तीसगढ़ में भी पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और जगदलपुर जैसे बड़े शहरों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजधानी रायपुर में पुलिस ने चौक-चौराहों पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया है।
सियासी बयानबाजी तेज — बघेल ने पूछा, “कहां से आया 300 किलो RDX?”
धमाके के बाद अब सियासी बयानों की बमबारी भी शुरू हो गई है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए लिखा —
“देश की राजधानी में इतना बड़ा धमाका हुआ और हम खामोश बैठे हैं? आखिर 300 किलो RDX कहां से आया?”
वहीं बीजेपी ने बघेल के बयान को राजनीति की निम्नता बताया।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस हर राष्ट्रीय संकट को राजनीति से जोड़ देती है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा —
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंक पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
जांच तेज – आतंकी साजिश की भी पड़ताल
हालांकि फिलहाल इसे आतंकी हमला घोषित नहीं किया गया है, लेकिन NIA सहित अन्य एजेंसियां इसे आतंकी मंशा से जुड़ा मामला मानकर जांच कर रही हैं। घटनास्थल से विस्फोटक के सैंपल जुटाए गए हैं और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कार में टाइम-डिवाइस का इस्तेमाल हुआ हो सकता है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
लालकिले जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह का धमाका सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। देश की राजधानी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर आतंक की दहशत को ताजा कर दिया है।
अब बड़ा सवाल यही — क्या देश एक बार फिर किसी दहशत की साजिश के निशाने पर है?
