चैतन्य बघेल पर 1000 करोड़ से ज़्यादा के ‘शराब सिंडिकेट’ का आरोप, ED ने किए कई अन्य खुलासे

रायपुर | 18 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला देने वाली गिरफ्तारी — भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है।
ईडी का दावा है कि चैतन्य ने 16.70 करोड़ रुपये की काली कमाई को रियल एस्टेट कारोबार की ईंटों में छुपाया।

5 दिन की ईडी हिरासत, पैसा कहां गया इसकी होगी जिरह

ईडी ने रायपुर की पीएमएलए अदालत से चैतन्य की 5 दिन की रिमांड हासिल की है। अब पूछताछ में इस बात की परतें खुलेंगी कि 1000 करोड़ से ज्यादा की POC किन-किन रास्तों से कांग्रेस के खजाने तक पहुंची।


ईडी की प्रेस रिलीज़ में बड़े खुलासे:

2500 करोड़ रुपये का घोटाला — राज्य के खजाने से निकले, शराब सिंडिकेट की जेब में पहुंचे।

16.70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग — चैतन्य ने अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिये निवेश किया।

फर्जी फ्लैट डील में 5 करोड़ — ‘विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ के तहत त्रिलोक ढिल्लों से सांठगांठ कर लेन-देन।

कांग्रेस के कोषाध्यक्ष तक पहुंची रकम — अनवर ढेबर और अन्य के जरिए हवाला नेटवर्क का संचालन।

भूपेश बघेल के करीबी सहयोगियों तक घोटाले की रकम पहुंची — ईडी की जांच जारी।




ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को गिरफ्तार कर रायपुर की पीएमएलए विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की हिरासत (22 जुलाई तक) में भेजा गया है।



बड़ी साजिश, बड़ी रकम, बड़ा नेटवर्क!

ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज़ में दावा किया है कि चैतन्य बघेल सिर्फ पैसे को खपाने की कड़ी नहीं हैं, बल्कि वह उस पूरे चैनल का अहम हिस्सा थे, जो घोटाले की रकम को राजनीतिक फंडिंग, निजी संपत्तियों और चुनावी खर्चों में इस्तेमाल करने के लिए चला रहा था।

ईडी का आरोप है कि:

चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर और अन्य लोगों के साथ मिलकर यह रकम कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को हस्तांतरित करते थे।

शराब घोटाले से निकली रकम को भूपेश बघेल परिवार के नजदीकी सहयोगियों को निवेश हेतु सौंपा गया।

ईडी के पास ऐसे बैंकिंग ट्रेल्स और गवाहियां हैं, जो इस नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।


अब तक ये गिरफ्तार हो चुके हैं:

इस घोटाले में ईडी अब तक कई बड़ी गिरफ्तारियां कर चुकी है:

  1. अनिल टुटेजा – पूर्व आईएएस अधिकारी
  2. अरविंद सिंह – तत्कालीन आबकारी आयुक्त
  3. त्रिलोक सिंह ढिल्लों – कारोबारी, प्रोजेक्ट पार्टनर
  4. अनवर ढेबर – कांग्रेस नेता, कथित मास्टरमाइंड
  5. अरुण पति त्रिपाठी – आईटीएस अधिकारी
  6. कवासी लखमा – कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री

राजनीतिक तूफान की आहट:

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की सियासत में तूफान ला दिया है।
भाजपा नेताओं ने इसे ‘भ्रष्टाचार का चेहरा बेनकाब’ करार दिया है, वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध कहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब तक इस गिरफ्तारी पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। लेकिन कांग्रेस के भीतर इसे लेकर गंभीर अंतर्कलह और रणनीति बैठकों की खबरें आ रही हैं।


अभी जांच बाकी है…

ईडी का कहना है कि इस घोटाले से निकली रकम की फाइनल डेस्टिनेशन और राजनीतिक उपयोग की कड़ियों की जांच जारी है।
“यह सिर्फ एक सिरा है, पूरे जाल तक पहुंचने के लिए जांच तेज़ की जा रही है।”

– ईडी सूत्र


क्या आगे भूपेश बघेल से पूछताछ होगी?

क्या यह गिरफ्तारी आने वाले राजनीतिक समीकरणों को बदल देगी?
जवाब आने वाले दिनों में तय करेंगे छत्तीसगढ़ की सियासत की दिशा।



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