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दिल्ली ने थामा भूपेश का हाथ! शराब घोटाले में बेटे से मिलने पहुंचे सचिन पायलट, बोले – कांग्रेस को दबाने की साजिश

जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए – सीएम विष्णुदेव साय


रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

शनिवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट रायपुर पहुंचे और सेंट्रल जेल में चैतन्य बघेल से मुलाकात की। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बंद चैतन्य को लेकर पायलट ने साफ कहा कि कांग्रेस नेताओं को टारगेट किया जा रहा है, क्योंकि वे देश की संपत्तियों को बेचने वाली ताकतों के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।

पायलट ने कहा –
“हमारे नेताओं पर कार्रवाई इसलिए हो रही है क्योंकि हम जमीन, जंगल और खनिज को कुछ खास लोगों को सौंपने का विरोध कर रहे हैं। यह सब राजनीतिक बदले की भावना से हो रहा है।”

इस मुलाकात को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से भूपेश बघेल को खुला समर्थन माना जा रहा है। अब तक सवाल उठ रहे थे कि क्या कांग्रेस चुप है? क्या भूपेश अकेले हैं? लेकिन अब तस्वीर साफ हो चुकी है – दिल्ली दरबार खुलकर भूपेश के साथ खड़ा है।

इधर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी तीखा बयान देते हुए कहा –
“चैतन्य बघेल जेल में क्यों हैं, इसका जवाब उन्हें खुद देना चाहिए। जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।”

इस मामले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है।
जहां कांग्रेस इसे बदले की कार्रवाई बता रही है, वहीं बीजेपी इसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करार दे रही है।

अब कांग्रेस खेमा खुलकर कह रहा है कि –
“जब हमारी सरकार आएगी, तो इस पूरे घटनाक्रम का हिसाब सूद समेत लिया जाएगा।”

छत्तीसगढ़, जिसे कभी “शांति का टापू” कहा जाता था, आज केंद्र और राज्य के बीच टकराव की नई ज़मीन बन चुका है।

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