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पुवर्ती में पुलिस जवानों और आदिवासी बंधुओं संग मनाया रक्षाबंधन


पुवर्ती (छत्तीसगढ़), 9 अगस्त। कभी नक्सलवाद की छाया में रहने वाला और कुख्यात नक्सली मास्टरमाइंड हिंडमा का गढ़ रहा पुवर्ती गांव अब भाईचारे और एकता का प्रतीक बन गया है। शनिवार को यहां पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने मिलकर रक्षाबंधन का पर्व उत्साह के साथ मनाया।

जन संघर्ष समिति की ओर से पुवर्ती स्थित पुलिस व CRPF कैंप में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नागपुर जिले के नागलवाड़ी गांव के जिला परिषद विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वयं निर्मित राखियां जवानों को बांधीं। वहीं पुवर्ती गांव के स्कूल विद्यार्थियों को “नए युग की लेखनी” अभियान के तहत शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम में ग्रामीणों, विद्यार्थियों और जवानों ने एक-दूसरे को राखियां बांधकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। जहां कभी नक्सलियों की बंदूक का साया था, वहां आज मुस्कुराते चेहरे और विकास की नई राहें दिख रही हैं।

इस अवसर पर CRPF के कमांडेंट राकेश चंद्रा शुक्ला, उप कमांडेंट मोहम्मद हमीद खान, उप कमांडेंट अमरीश कुमार घोष, डॉ. विवेकानंद वासप्पा, सी.पी. तिवारी समेत सभी पुलिस जवानों ने राखी बंधवाई।

कार्यक्रम में जन संघर्ष समिति से संकेत बांगडकर, आशीष चौधरी, विशाल निरगुडे, शुभम मोडघरे, आकांक्षा माकडे, कीर्ती धकाते, आरती धकाते, वैष्णवी उडतकर, हर्षल हिवसे और दत्ता शिर्के उपस्थित थे।


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