रायपुर।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक बताते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने कल 14वें मंत्री को शपथ दिलाकर संविधान के अनुच्छेद 164(1A) का खुला उल्लंघन किया है। 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्रिमंडल की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री सहित 13 तक सीमित है। बावजूद इसके 14वें मंत्री को शामिल करना संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना है।
बघेल ने याद दिलाया कि 13 अप्रैल 2018 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित 13 मंत्री ही अनुमेय हैं। उन्होंने कहा – “साय सरकार को बताना चाहिए कि इस अतिरिक्त मंत्री को शपथ दिलाने की अनुमति किस आधार पर ली गई है? क्या इसके लिए केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट से कोई विशेष अनुमति मिली है? यदि हां, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सरकार के पास कोई संवैधानिक आधार नहीं है तो तुरंत एक मंत्री को हटाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल संविधान का उल्लंघन है बल्कि सुशासन के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
