बीजापुर।
जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर में सोमवार को एक साथ 30 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक और डीआईजी सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में सब-डिवीजन ब्यूरो इंचार्ज (DVCM), कंपनी सदस्य, ACM, प्लाटून पार्टी सदस्य, जनताना सरकार पदाधिकारी, मिलिशिया व DAKMS सदस्य शामिल हैं।
इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर 81 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में उत्तर बस्तर डिवीजन के सब-डिवीजन ब्यूरो इंचार्ज के.के. भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी के साथ समर्पण किया। उन्होंने कहा कि अब वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जीना चाहते हैं।
शामिल नक्सली
- DVCM – 01
- कंपनी नंबर 02 सदस्य – 05
- ACM – 02
- प्लाटून पार्टी सदस्य – 04
- एरिया कमेटी पार्टी सदस्य – 05
- PLGA सदस्य – 01
- CNM सदस्य – 02
- जनताना सरकार उपाध्यक्ष – 01
- जनताना सरकार सदस्य – 05
- मिलिशिया प्लाटून सदस्य – 02
- DAKMS सदस्य – 02
आत्मसमर्पण के कारण
पुलिस के अनुसार, संगठन की विचारधारा से मोहभंग, आंतरिक मतभेद और सुरक्षित पारिवारिक जीवन की चाह ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही शासन की पुनर्वास नीति, अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, सड़क, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और सामुदायिक पुलिसिंग से नक्सली संगठन छोड़ रहे हैं।
आंकड़े बताते हैं बदलाव
- 1 जनवरी 2025 से अब तक:
- 331 माओवादी गिरफ्तार
- 307 ने आत्मसमर्पण
- 132 मुठभेड़ों में मारे गए
- 1 जनवरी 2024 से अब तक:
- 834 माओवादी गिरफ्तार
- 496 ने आत्मसमर्पण
- 190 मारे गए
आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को सरकार की नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में प्रदान की गई।
एसपी बीजापुर ने कहा कि यह आत्मसमर्पण सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है। अब नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
