रायगढ़। तमनार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत केराखोल गांव में हुई हाथी की मौत के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य का पति बसंत राठिया, वीरसिंह माझी और रामनाथ राठिया शामिल हैं। वन विभाग की टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर चिकित्सीय परीक्षण (मुलाहिजा) के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से आरोपियों ने खेत के पास करंट प्रवाहित तार बिछाए थे। उसी तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से बिजली का तार, बांस के खंभे और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई कि करंट लगने से ही हाथी की मौत हुई थी।
वन मंडल अधिकारी ने बताया कि हाथी की मौत के मामले में विभाग जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। किसी भी स्थिति में वन्यजीवों के प्रति लापरवाही या शिकार जैसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में रायगढ़ और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही बढ़ने के साथ मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर वन सुरक्षा और ग्रामीण सतर्कता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग खेतों या जंगल के किनारे करंट लगाकर जंगली जानवरों से सुरक्षा के प्रयास न करें, क्योंकि यह न केवल अवैध है बल्कि जानवरों और इंसानों दोनों के लिए घातक साबित हो सकता है।
