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छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र: तीसरे दिन सरकार अपने ही विधायकों के निशाने पर, सड़क-राशन-स्वास्थ्य-खनन पर भारी हंगामा


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भीतर भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली। प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल तक सड़क निर्माण, एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड गड़बड़ी, महारानी अस्पताल जगदलपुर के निर्माण में देरी, जल जीवन मिशन में भुगतान और हसदेव अरण्य में खनन जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया।


डोंगरगढ़ की जर्जर सड़कों पर सरकार को घेरा
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजनांदगांव और खैरागढ़ जिलों की लोक निर्माण विभाग (PWD) सड़कों की स्थिति पर सवाल दागा। उन्होंने पूछा कि कितनी सड़कें मरम्मत योग्य हैं और वर्ष 2024-25-26 में अब तक कितना कार्य हुआ है।


इस पर विभागीय मंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि क्षेत्र में कुल 48 सड़कें मरम्मत योग्य हैं। इनमें से 39 सड़कों का टेंडर हो चुका है, 4 सड़कों का कार्य पूर्ण हो गया है, जबकि 5 सड़कों पर अभी काम प्रारंभ नहीं हुआ।


मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक हर्षिता बघेल ने कहा कि 48 सड़कों में एक भी जगह मरम्मत का कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा, यह सदन को भ्रामक जानकारी दी जा रही है। पूरक प्रश्न में उन्होंने स्पष्ट पूछा कि आखिर किस सड़क पर, कहां काम हुआ है। मंत्री अरुण साव ने जवाब दिया कि पूरी जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और पूरे प्रदेश में सड़क मरम्मत का कार्य जारी है। इस पर आसंदी ने कहा कि मंत्री द्वारा जानकारी दी जा रही है।


एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड मामला: भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा
सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड परिवर्तन का मामला, जिसमें भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपनी ही सरकार और खाद्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया।


सुशांत शुक्ला ने पूछा कि बिलासपुर जिले में नवंबर 2023 से 2025 तक कितने एपीएल राशन कार्ड धारकों को बीपीएल में बदला गया, क्या हितग्राहियों की सहमति ली गई, और शिकायत मिलने पर क्या कार्रवाई हुई।


खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब दिया कि एपीएल से बीपीएल राशन कार्ड में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि 19 राशन कार्डों में गड़बड़ी सामने आई थी, जिनमें से 4 राशन कार्ड जोन क्रमांक-4 के जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर बनाए गए।


इस पर भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने मंत्री पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2024 में इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एफआईआर हुई है तो मंत्री सदन में इसे क्यों नकार रहे हैं।


मामले में भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और इसकी विधानसभा समिति या हाई पावर कमेटी से जांच कराई जानी चाहिए।


धरमलाल कौशिक ने कहा कि पहले मंत्री ने सबकुछ नकार दिया और बाद में माना कि गलती हुई है, ऐसे में विधानसभा में गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।


पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में राशन कार्ड को लेकर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की आवश्यकता है।


अंततः मंत्री दयाल दास बघेल ने स्वीकार किया कि एफआईआर दर्ज हुई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने इस मुद्दे पर आधे घंटे की विशेष चर्चा की मांग की।


महारानी अस्पताल जगदलपुर: निर्माण में देरी पर सवाल
बीजेपी विधायक किरण सिंह देव ने महारानी अस्पताल, जगदलपुर में एमआरडी भवन, हिमोडायलिसिस, पेलिएटिव केयर और कैंसर क्लिनिक निर्माण में हो रही देरी को लेकर सरकार से जवाब मांगा।


स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि DMF फंड से 12 जून 2025 को स्वीकृति दी गई है।


उन्होंने कहा कि—
एमआरडी भवन निर्माण पर लगभग ₹4.12 करोड़
हिमोडायलिसिस, पेलिएटिव केयर और कैंसर क्लिनिक पर ₹4.36 करोड़ खर्च संभावित है।
निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग, जिला बस्तर द्वारा किया जाएगा और जनवरी महीने में भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सुपर स्पेशियलिटी सुविधा शुरू होने से बस्तर क्षेत्र के मरीजों को रायपुर रेफर नहीं करना पड़ेगा।


जल जीवन मिशन में भुगतान पर भ्रष्टाचार के आरोप
भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने जल जीवन मिशन के तहत कार्य पूर्ण किए बिना भुगतान का गंभीर आरोप लगाया।


मंत्री अरुण साव ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कहीं भी पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है, और अधिकतम 70 प्रतिशत तक ही भुगतान हुआ है।


हसदेव अरण्य और तमनार में खनन पर विपक्ष का तीखा हमला
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने हसदेव अरण्य, तमनार और बस्तर में खनन और जबरन पेड़ कटाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोग अब सरकार और पुलिस से डरने लगे हैं। इस पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की।


कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि तमनार में 15 मिनट में फर्जी जनसुनवाई कर दी गई।


लालजीत सिंह ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्रों में कानून का उल्लंघन कर जबरन जमीनें छीनी जा रही हैं।


विक्रम मंडावी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद आदिवासी सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।


आगे का एजेंडा
तीसरे दिन सरकार सदन में
दुकान एवं स्थापना कानून संशोधन विधेयक,
निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक,
जन विश्वास संशोधन विधेयक पेश करेगी।


साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट और अनुदान मांगों पर चर्चा होगी।

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